दिल्ली जल बोर्ड की ओर से 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की बहु-प्रतीक्षित जल और सीवरेज परियोजनाओं का बुधवार को पश्चिमी दिल्ली के टोडापुर स्थित रामलीला मैदान में शुभारंभ और शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन योजनाओं को विकसित दिल्ली की दिशा में एक ठोस कदम बताया और अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि योजनाओं को ज़मीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेहतर जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित दिल्ली के लक्ष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। राजधानी में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और आधुनिक सीवरेज प्रणाली को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
स्वच्छ और स्वस्थ दिल्ली की दिशा में पहल
इस अवसर पर नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, राजेंद्र नगर के विधायक उमंग बजाज सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में वर्षों से पानी और सीवर की समस्या बनी हुई थी, वहां अब स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है।
दिल्लीवासियों के लिए Water Amnesty Scheme को अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।
अब घरेलू के साथ-साथ नॉन-रेसिडेंशियल और कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
अब तक पेनल्टी, ब्याज और सरचार्ज माफी से उपभोक्ताओं को लगभग ₹1400 करोड़ की राहत मिल चुकी है और अगस्त तक ₹74,293 करोड़ की… pic.twitter.com/wvdOdbmcbs
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) February 18, 2026
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद सीवेज ट्रीटमेंट की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे बिना शोधन का गंदा पानी यमुना में जाने से रोका जा सकेगा। इससे न केवल जल आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
एमनेस्टी स्कीम का विस्तार, व्यावसायिक उपभोक्ताओं को राहत
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जल उपभोक्ताओं के लिए लागू एमनेस्टी स्कीम को अगस्त तक बढ़ा दिया गया है और अब इसमें व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी शामिल किया गया है। अब तक 3.52 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ उठाया है, जिसके तहत पेनल्टी, ब्याज और सरचार्ज माफ कर लगभग 1,400 करोड़ रुपये की राहत दी गई। इससे दिल्ली जल बोर्ड को 484 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
सरकार ने व्यावसायिक एवं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज पर 100 प्रतिशत छूट देने की भी घोषणा की है। इस निर्णय के तहत वर्षों से जमा लगभग 74,293 करोड़ रुपये की पेनल्टी पूरी तरह माफ की जाएगी, जिससे दिल्ली जल बोर्ड को लगभग 285.2 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की संभावना है।
लोकार्पित प्रमुख परियोजनाएं
1.नीलोठी-1 एसटीपी की क्षमता 40 एमजीडी से बढ़ाकर 60 एमजीडी की गई (लागत: 373.21 करोड़ रुपये)।
2.पप्पनकलां फेज-1 एसटीपी की क्षमता 20 एमजीडी से बढ़ाकर 30 एमजीडी की गई (लागत: 225.28 करोड़ रुपये)।
3.हैदरपुर (डब्ल्यूडब्ल्यू-II) क्षेत्र में पुरानी पाइपलाइन का प्रतिस्थापन (लागत: 50.72 करोड़ रुपये)।
4.पीतमपुरा और नॉर्थ वेस्ट दिल्ली में हैदरपुर (डब्ल्यूडब्ल्यू-I) की पाइपलाइन बदली गई (लागत: 19.44 करोड़ रुपये)।
जिन परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास
1.चंद्रावल डब्ल्यूटीपी क्षेत्र (पैकेज 3) में जल आपूर्ति सुधार (लागत: 990 करोड़ रुपये)।
2.चंद्रावल डब्ल्यूटीपी क्षेत्र (पैकेज 4) में जल आपूर्ति सुधार (लागत: 268.41 करोड़ रुपये)।
3.बेगमपुर क्षेत्र में घर-घर सीवर कनेक्शन (रोहिणी एसटीपी से संबद्ध) – 58 करोड़ रुपये।
4.वजीराबाद क्षेत्र में घर-घर सीवर कनेक्शन (कोरोनेशन पिलर एसटीपी से संबद्ध) – 25.15 करोड़ रुपये।
5.रनहोला क्षेत्र में घर-घर सीवर कनेक्शन (नीलोठी एसटीपी से संबद्ध) – 34.85 करोड़ रुपये।
6.संत नगर क्षेत्र में घर-घर सीवर कनेक्शन (कोरोनेशन पिलर एसटीपी से संबद्ध) – 40.21 करोड़ रुपये।
7.मोलरबंद एसटीपी की क्षमता में 0.67 एमजीडी की वृद्धि (लागत: 14.71 करोड़ रुपये)।
विकसित भारत के अनुरूप विकसित दिल्ली
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यह केवल परियोजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप विकसित दिल्ली की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में चल रहे विकास कार्यों की झलक अब राजधानी में भी स्पष्ट दिखाई दे रही है।
इन व्यापक परियोजनाओं के माध्यम से दिल्ली में जल आपूर्ति को अधिक आधुनिक, सुदृढ़ और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बेहतर होगी, सीवर नेटवर्क अधिक सुदृढ़ होगा और यमुना की स्वच्छता की दिशा में ठोस प्रगति होगी।
















