गाजीपुर। गाजीपुर के मिश्र बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की मुख्य शाखा में सोमवार को जालसाजी का गंभीर मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। बैंक कर्मियों ने एक युवक को दूसरे ग्राहक के खाते से अवैध निकासी का प्रयास करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद बैंक प्रबंधन ने पुलिस को सूचना देने के बजाय मामले को आपसी स्तर पर निपटाने की कोशिश की।
रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी
जानकारी के मुताबिक, एक युवक किसी अन्य व्यक्ति के खाते से पैसे निकालने की कोशिश कर रहा था। कर्मचारियों को संदेह होने पर उसे पकड़कर पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि यही युवक पहले भी इसी शाखा से ₹1,02,000 की अवैध निकासी कर चुका है।
पहले भी दबाया गया था मामला
बताया जा रहा है कि पहले हुई धोखाधड़ी के समय बैंक की साख बचाने के लिए कर्मचारियों ने कथित तौर पर अपनी सैलरी से राशि भरकर मामला दबा दिया था। उस समय भी न तो पुलिस को सूचना दी गई और न ही उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचाया गया।
फिर से मामला दबाने की कोशिश
सोमवार को आरोपी दोबारा पकड़ में आने के बाद भी बैंक मैनेजर द्वारा पुलिस को तुरंत सूचना नहीं दी गई। आरोप है कि प्रबंधन ने घंटों तक मामले को आंतरिक रूप से सुलझाने और ‘रफा-दफा’ करने का प्रयास किया।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
मीडिया के जरिए जब क्षेत्राधिकारी (सीओ) को घटना की जानकारी दी गई तो उन्होंने संज्ञान लेने की बात कही, लेकिन काफी देर तक कोई पुलिस टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे बैंक प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन दोनों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्राहकों में चिंता
घटना के बाद बैंक की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। ग्राहकों में अपनी जमा पूंजी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मुख्य बिंदु
स्थान: एसबीआई मुख्य शाखा, मिश्र बाजार, गाजीपुर
मामला: फर्जी तरीके से पैसे निकालने का प्रयास
आरोपी का रिकॉर्ड: पहले भी ₹1.02 लाख की धोखाधड़ी
विवाद: पुलिस को सूचना न देकर मामला दबाने के आरोप














