Friday, January 23, 2026
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BMC चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत, AIMIM का प्रभाव बढ़ा, मुंबई से मालेगांव तक बदला सियासी समीकरण

मुंबई की बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनावों में इस बार मुस्लिम उम्मीदवारों की मौजूदगी और जीत ने खास ध्यान खींचा है। इस चुनाव में कुल पांच मुस्लिम उम्मीदवार विजयी हुए हैं, जिनमें चार अलग-अलग राजनीतिक दलों से और एक निर्दलीय उम्मीदवार शामिल है। यह नतीजे देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के अलग-अलग वार्डों में राजनीतिक विविधता और बदलते रुझान को दर्शाते हैं।

जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवारों में निर्दलीय प्रत्याशी इरम सिद्दीकी का नाम भी शामिल है, जिन्होंने बिना किसी पार्टी के समर्थन के चुनाव लड़ते हुए सफलता हासिल की। वहीं शिवसेना (UBT) की उम्मीदवार सकीना शेख ने पार्टी टिकट पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हुए अशरफ आज़मी विजयी रहे।

AIMIM का मजबूत प्रदर्शन
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) इस चुनाव में खास तौर पर उभरकर सामने आई है। पार्टी के सफल उम्मीदवारों में इरशाद खान, महज़बीन अतीक अहमद और खैरुनिशा हुसैन शामिल हैं। इन जीतों ने न केवल BMC में AIMIM की मौजूदगी को मजबूत किया है, बल्कि राज्य की राजनीति में पार्टी के बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित किया है।

राज्यभर में AIMIM का विस्तार
महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के चुनाव नतीजों से साफ है कि असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली AIMIM अब राज्य की राजनीति में एक मजबूत दावेदार बनकर उभरी है। पार्टी ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और समाजवादी पार्टी (SP) से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल 121 सीटें जीती हैं। मुंबई में AIMIM ने आठ सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि छत्रपति संभाजी नगर और मालेगांव में वह दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

छत्रपति संभाजी नगर में ऐतिहासिक प्रदर्शन
AIMIM ने छत्रपति संभाजी नगर में अब तक का अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यहां 113 में से पार्टी ने 33 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। इस नगर निगम में बीजेपी को 58 सीटें, शिवसेना को 12 और शिवसेना (UBT) को छह सीटें मिलीं। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में AIMIM ने यहां 25 सीटें जीती थीं, जबकि 2019 में पार्टी ने एक लोकसभा सीट भी अपने नाम की थी।

मालेगांव में भी मजबूत पकड़
मालेगांव AIMIM का दूसरा मजबूत गढ़ बनकर उभरा है। यहां 84 में से पार्टी ने 20 सीटें जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया। शिवसेना को यहां 18 सीटें मिलीं। मुस्लिम बहुल इस शहर में इस्लाम पार्टी 35 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि समाजवादी पार्टी ने छह और कांग्रेस को सिर्फ तीन सीटों से संतोष करना पड़ा।

अन्य शहरों में भी बढ़ी मौजूदगी
AIMIM ने नांदेड़ में 14, अमरावती में 11 और धुले नगर निगम में 10 सीटें जीतीं। सोलापुर और मुंबई में पार्टी को आठ-आठ सीटें मिलीं, नागपुर में सात, ठाणे में पांच और अकोला में तीन सीटें जीतीं। इसके अलावा अहिल्यानगर और जालना में दो-दो सीटें जीतने के साथ ही पार्टी ने चंद्रपुर में भी एक सीट जीतकर अपना खाता खोला।

कुल मिलाकर, बीएमसी समेत पूरे महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों ने साफ कर दिया है कि AIMIM न सिर्फ मुस्लिम वोट बैंक में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, बल्कि शहरी राजनीति में भी एक प्रभावशाली ताकत के रूप में उभर रही है।

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VIKAS TRIPATHI
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