गाजीपुर, । जनपद गाजीपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के पत्र के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के अंतर्गत पहले से लागू निषेधाज्ञा में आंशिक वृद्धि कर दी है। यह निर्णय 15 अप्रैल 2026 को थाना करण्डा क्षेत्र के ग्राम कटरियां निवासी निशा विश्वकर्मा की मृत्यु से जुड़े मामले को देखते हुए लिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, जनपद गाजीपुर की सीमा के भीतर इस घटना को लेकर किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन, जुलूस, सभा, नारेबाजी या कैंडिल मार्च पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति या समूह आंदोलन के उद्देश्य से जिले में प्रवेश नहीं करेगा और न ही किसी प्रकार की भीड़ एकत्रित करेगा। हालांकि, इस प्रतिबंध से पारंपरिक धार्मिक आयोजनों, शव यात्राओं और मेलों को छूट दी गई है।
इसके अलावा, प्रशासन ने ग्राम कटरियां में किसी भी व्यक्ति या प्रतिनिधिमंडल के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। आदेश में कहा गया है कि कुछ तत्वों द्वारा सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भ्रामक और अपुष्ट सूचनाएं फैलाई जा रही हैं, जिससे जनाक्रोश और तनाव बढ़ने की आशंका है। ऐसी स्थिति में गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश से हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि कुछ राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा इस घटना के बहाने कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश की जा सकती है, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे जनपद में किसी भी प्रकार के सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में जनहित और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और जिले में शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके।














