गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पोषण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने एफआरएस, पोषण ट्रैकर, टीएचआर और वीएचएसएनडी (VHSND) सत्रों का शत-प्रतिशत आयोजन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
होम विजिट और पोषण ट्रैकर पर खराब प्रगति मिलने पर करंडा, भांवरकोल और मोहम्मदाबाद के बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया गया। कार्यों की निगरानी के लिए जनपद स्तर से 50 अधिकारियों की तैनाती कर 50 अलग-अलग वीएचएसएनडी सत्रों का निरीक्षण कराया जाएगा। प्रत्येक बुधवार को जिले में 300 स्थानों पर वीएचएसएनडी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर वेइंग मशीन की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की नियमित समीक्षा करने को कहा। साथ ही सभी केंद्रों पर पोषण ट्रैकर में समय से फीडिंग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जर्जर कार्यालय भवनों का नियमानुसार ध्वस्तीकरण कराने और बाल गृह में रंगाई-पुताई कराने को भी कहा।
बैठक में SAM एवं MAM श्रेणी के बच्चों की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अभियान चलाकर सप्ताह में एक बार सभी चिह्नित बच्चों का वजन और लंबाई मापी जाए। इससे कम वजन और कम लंबाई वाले बच्चों की पहचान कर उनकी पोषण स्थिति का नियमित आकलन किया जा सकेगा। उन्होंने SAM बच्चों का सही चिह्नांकन करने तथा उनके पोषण स्तर में सुधार की प्रगति की नियमित निगरानी करने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों को सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।















