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नोएडा श्रमिक हिंसा: ‘3 महीने की साजिश’ का दावा, सोशल मीडिया के जरिए भड़काया गया माहौल, 62 गिरफ्तार

नोएडा: नोएडा में हाल ही में हुई श्रमिक हिंसा को लेकर बड़ा और चिंताजनक खुलासा सामने आया है। लक्ष्मी सिंह ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि यह हिंसा अचानक नहीं भड़की, बल्कि इसके पीछे पिछले तीन महीनों से सुनियोजित साजिश रची जा रही थी। पुलिस जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम को एक संगठित प्रयास की ओर इशारा करते हैं।


साजिश की परतें: कैसे तैयार हुई ज़मीन

पुलिस के मुताबिक, रूपेश रॉय, आदित्य आनंद और मनीषा चौहान नामक तीन लोग 31 मार्च से नोएडा में सक्रिय थे।

इन पर आरोप है कि इन्होंने:

दर्जनों व्हाट्सऐप ग्रुप्स बनाए

श्रमिकों के बीच असंतोष को हवा दी

योजनाबद्ध तरीके से प्रदर्शन को हिंसक रूप देने के लिए उकसाया

अब तक रूपेश रॉय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि आदित्य आनंद फरार है और उसकी तलाश जारी है।


सोशल मीडिया और ‘विदेशी कनेक्शन’ की जांच

जांच के दौरान पुलिस को दो ऐसे ट्विटर (X) हैंडल्स का पता चला है, जिन्हें कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित बताया जा रहा है। इन हैंडल्स के जरिए:

भड़काऊ सामग्री साझा की गई

स्थानीय मुद्दों को उग्र रूप दिया गया

श्रमिकों को आंदोलन के लिए उकसाया गया

हालांकि, इस “पाकिस्तान कनेक्शन” की जांच अभी जारी है और एजेंसियां डिजिटल सबूतों को खंगाल रही हैं।


अब तक की पुलिस कार्रवाई

नोएडा पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई की है:

13 एफआईआर दर्ज (आगजनी, तोड़फोड़, भड़काऊ पोस्ट)

कुल 62 लोगों की गिरफ्तारी (महिलाएं भी शामिल)

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के मामले दर्ज

तीन दिन की मशक्कत के बाद हालात काबू में

लगातार तीन दिन तक चले प्रशासनिक और पुलिस प्रयासों के बाद अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। आलोक कुमार के नेतृत्व में लखनऊ से आई उच्चस्तरीय समिति ने मौके पर कैंप कर श्रमिकों, उद्यमियों और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित किया।

समिति के अनुसार:

अधिकांश श्रमिक काम पर लौट चुके हैं

औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन फिर से शुरू हो गया है

तनाव की स्थिति में स्पष्ट कमी आई है


मजदूर दिवस पर वेतन का आश्वासन

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि 1 मई (मजदूर दिवस) को श्रमिकों को बढ़े हुए वेतन का भुगतान किया जाएगा। इस दिन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे को रोका जा सके।


एजेंसियों को सख्त चेतावनी

श्रमिक आपूर्ति करने वाली एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं:

भविष्य में किसी भी तरह की हिंसा या उपद्रव होने पर

श्रमिकों के साथ-साथ संबंधित एजेंसियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी


उद्यमियों का सुझाव: PF कटौती पर पुनर्विचार

बैठक के दौरान विपिन मल्हन ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा—
श्रमिकों के वेतन से काटे जाने वाले पीएफ हिस्से को वापस देने का सुझाव।

इस प्रस्ताव को समिति ने विचारार्थ स्वीकार कर लिया है, जिससे श्रमिकों की आर्थिक असंतुष्टि कम करने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।


सतत निगरानी, अलर्ट पर प्रशासन

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, नोएडा के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में फिलहाल शांति है, लेकिन सतत निगरानी जारी है। खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि भविष्य में किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।

नोएडा की श्रमिक हिंसा अब केवल स्थानीय विवाद नहीं रह गई है, बल्कि इसमें संगठित साजिश, सोशल मीडिया की भूमिका और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन जैसे गंभीर पहलू सामने आए हैं।

हालांकि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है—कि औद्योगिक असंतोष और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग मिलकर किस तरह बड़े संकट का रूप ले सकता है।

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
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