मिर्जापुर और हसनपुर गोआश्रय स्थलों में संरक्षित हैं 163 गोवंश, चयनित संस्था को तीन साल तक मिलेगा संचालन का जिम्मा
गाजीपुर। विकासखंड सैदपुर की ग्राम पंचायत मिर्जापुर और हसनपुर में संचालित अस्थायी गोआश्रय स्थलों के सुचारु संचालन के लिए जिला प्रशासन ने पात्र संस्थाओं से रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित की है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय की ओर से यह प्रक्रिया शुरू की गई है।
वर्तमान में मिर्जापुर गोआश्रय स्थल में 107 और हसनपुर में 56 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। इनके संरक्षण, भरण-पोषण और प्रबंधन की जिम्मेदारी पात्र एनजीओ, ट्रस्ट, गौ सेवा संस्थाओं, एफपीओ और पंजीकृत समितियों को सौंपी जाएगी।
इच्छुक संस्थाओं के पास विधिवत पंजीकरण, गौ संरक्षण, पशुपालन या सामाजिक क्षेत्र में कार्य का अनुभव होना चाहिए। पिछले तीन वर्षों के ऑडिट प्रतिवेदन, पैन, आयकर एवं जीएसटी संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। इसके साथ पंजीकरण प्रमाणपत्र, संस्था का संविधान, अनुभव प्रमाणपत्र और शपथपत्र जमा करना अनिवार्य होगा।
संस्था को गोवंशों के लिए चारा-पानी, स्वच्छता, टीकाकरण, टैगिंग, गोबर एवं गौमूत्र आधारित उत्पादों के प्रबंधन और अभिलेखों के रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी।
इच्छुक संस्थाएं अपना प्रस्ताव सीलबंद लिफाफे में 7 नवंबर 2026 को शाम पांच बजे तक मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, विकास भवन स्थित कार्यालय में जमा कर सकती हैं।
चयनित संस्था को तीन वर्षों के लिए एमओयू करना होगा। शासन की ओर से प्रत्येक गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की दर से डीबीटी के माध्यम से मासिक भुगतान किया जाएगा। व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संचालन का जिम्मा वापस लिया जा सकेगा।















