HomeEducationआंकड़ों में चमकता भारत, गाजीपुर में शिक्षा का अंधेरा”

आंकड़ों में चमकता भारत, गाजीपुर में शिक्षा का अंधेरा”

गाजीपुर – केन्द्रीय बजट 2026-27 को लेकर पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने शिक्षा व्यवस्था पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा के लिए ₹1.39 लाख करोड़ का आवंटन, गर्ल्स हॉस्टल की सुविधा, डिजिटल लैब्स और छात्रहितैषी योजनाएं निश्चित रूप से सराहनीय हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या ये घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित रहेंगी या वास्तव में धरातल पर उतर पाएंगी।

दीपक उपाध्याय ने कहा कि अक्सर सरकारी योजनाएं और फाइलें तो चमकती हैं, लेकिन आम छात्रों का जीवन वहीं ठहरा रह जाता है। उन्होंने गाजीपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ‘सामाजिक प्रगति सूचकांक रिपोर्ट’ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गाजीपुर प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इसके बावजूद यह जनपद आज भी विश्वविद्यालय विहीन है।

उन्होंने कहा कि गाजीपुर में 350 से अधिक महाविद्यालय होने के बाद भी स्वतंत्र विश्वविद्यालय का न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जब तक जिले में विश्वविद्यालय जैसा बुनियादी ढांचा तैयार नहीं होगा, तब तक बजट के भारी-भरकम आंकड़े युवाओं के लिए केवल “चुनावी जुमला” बनकर रह जाएंगे।

दीपक उपाध्याय ने सरकार से मांग की कि वह अपनी ही रिपोर्ट का सम्मान करे और गाजीपुर को तत्काल विश्वविद्यालय का अधिकार दे। उन्होंने कहा कि विकास केवल इमारतें बनाने से नहीं, बल्कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध के अवसर देने से होगा।

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