पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद और टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर Yusuf Pathan ने गुजरात में भाजपा और पश्चिम Bengal में टीएमसी के जनाधार की तुलना करते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बंगाल में टीएमसी ने जमीनी संगठन और लोगों के बीच लगातार काम करके अपनी मजबूत पकड़ बनाई है, उसी तरह गुजरात में भाजपा को उसके काम, शासन और विकास की राजनीति के कारण जनता का भरोसा हासिल है।
वडोदरा नगर निगम चुनाव में मतदान करने पहुंचे यूसुफ पठान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “फैक्ट्स तो फैक्ट्स हैं… गुजरात में भाजपा को अगले 40 से 50 साल तक सत्ता से हटाना आसान नहीं है।” उनके मुताबिक किसी भी राज्य में वही पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहती है, जो जनता के बीच मजबूत हो, लगातार काम करे और लोगों को परिणाम देती हुई दिखाई दे।
भाजपा और टीएमसी की ताकत का किया समानांतर विश्लेषण
यूसुफ पठान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने अपने कैडर, बूथ स्तर की पकड़ और आम लोगों के मुद्दों को उठाकर मजबूत आधार तैयार किया है। ठीक इसी तरह गुजरात में भाजपा ने विकास, प्रशासनिक नियंत्रण और सुशासन के जरिए जनता का विश्वास जीता है। उन्होंने साफ कहा कि चुनावी नतीजे सिर्फ नारों से नहीं, बल्कि इस बात से तय होते हैं कि जनता सरकार के कामकाज को किस नजर से देखती है।
उनका कहना था कि अगर लोगों को लगता है कि सरकार उनके लिए काम कर रही है, उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को समझ रही है और जमीन पर परिणाम दे रही है, तो वही पार्टी चुनाव दर चुनाव मजबूत होती चली जाती है।
‘गुजरात का वोटर विकास देखता है’
पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि गुजरात का मतदाता राजनीतिक भावनाओं से ज्यादा विकास को प्राथमिकता देता है। उन्होंने माना कि बाढ़, सड़क खुदाई, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और शहरी असुविधाओं को लेकर शिकायतें रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग अंततः उसी पार्टी के साथ खड़े दिखाई देते हैं, जिसे वे काम करने वाली और नतीजे देने वाली सरकार मानते हैं।
पठान ने कहा,
“यहां के लोग भाजपा को पसंद करते हैं और डेवलपमेंट के आधार पर वोट देते हैं, इसलिए भाजपा गुजरात में लंबे समय तक सत्ता में बनी रहेगी।”
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बंगाल में टीएमसी की मजबूती पर भी जताया भरोसा
यूसुफ पठान ने यह भी कहा कि जैसे गुजरात में भाजपा का प्रभाव गहरा है, वैसे ही पश्चिम बंगाल में टीएमसी जनता की आवाज बनकर उभरी है। उनके अनुसार बंगाल के लोग टीएमसी को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि पार्टी जमीनी स्तर पर सक्रिय रहती है, लोगों के मुद्दे उठाती है और लगातार जनसंपर्क बनाए रखती है।
उन्होंने दावा किया कि मजबूत संगठन, जनता से संवाद और लगातार दिखने वाला काम — यही किसी भी दल की सबसे बड़ी राजनीतिक पूंजी होती है।
वोटरों से की जिम्मेदारी निभाने की अपील
मतदान के बाद यूसुफ पठान ने लोगों से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में वोट केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को जाति, शोर-शराबे या तात्कालिक नारों के बजाय विकास, कामकाज और जनता से जुड़ाव को ध्यान में रखकर मतदान करना चाहिए।
उनके शब्दों में,
“सरकारें दो चीजों से बनती हैं—एक, पार्टियां जनता के लिए कितना काम करती हैं; और दूसरा, जनता बैलेट बॉक्स में उस काम का क्या जवाब देती है।”
वोटर टर्नआउट पर भी दी प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल में मतदान प्रतिशत को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी पठान ने कहा कि आंकड़ों में दिखने वाला अंतर अक्सर गणितीय समायोजन का मामला होता है। उन्होंने कहा कि वोट प्रतिशत में कोई “जादुई बदलाव” नहीं होता, बल्कि यह कुल मतदाताओं और डाले गए वोटों के अनुपात का सामान्य परिणाम है।














