“सेक्टर-51 में नीमा नोएडा ने धूमधाम से मनाया धन्वंतरि दिवस, चिकित्सा जगत की हस्तियों और सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति’
नोएडा। स्वास्थ्य, सेवा, संस्कार और भारतीय चिकित्सा परंपरा के प्रति सम्मान का संदेश देते हुए नोएडा के सेक्टर-51 में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा), नोएडा की ओर से धन्वंतरि दिवस का आयोजन हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा जगत से जुड़े चिकित्सकों, सामाजिक प्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान भगवान धन्वंतरि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ ही चिकित्सा सेवा को मानवता की सबसे महत्वपूर्ण सेवाओं में से एक बताते हुए जनस्वास्थ्य के प्रति चिकित्सकों की जिम्मेदारी और समर्पण को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम का वातावरण भारतीय संस्कृति, चिकित्सा परंपरा और सामाजिक सौहार्द के रंग में रंगा नजर आया। उपस्थित चिकित्सकों ने धन्वंतरि दिवस को केवल एक धार्मिक अथवा सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों के लिए अपने दायित्वों को याद करने और सेवा भावना को मजबूत करने का विशेष अवसर बताया।
समुद्र मंथन से जुड़ी है भगवान धन्वंतरि के अवतरण की पौराणिक मान्यता
भारतीय पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्हें देवताओं का वैद्य और आयुर्वेद का प्रवर्तक माना जाता है। यही कारण है कि भगवान धन्वंतरि को चिकित्सा, आरोग्य और निरोगी जीवन का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस के अवसर पर भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और इसी दिन चिकित्सक समुदाय धन्वंतरि दिवस के रूप में भी उत्सव मनाता है।
भारतीय चिकित्सा परंपरा में भगवान धन्वंतरि का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका स्मरण चिकित्सकों को इस बात की प्रेरणा देता है कि चिकित्सा का उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को स्वस्थ जीवन प्रदान करना भी है। चिकित्सा पेशे में ज्ञान, अनुभव, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का विशेष महत्व है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से चिकित्सक अपनी प्राचीन चिकित्सा विरासत से जुड़ने के साथ आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में सेवा और नैतिकता के महत्व को भी याद करते हैं।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
धन्वंतरि दिवस समारोह में नोएडा भाजपा के जिलाध्यक्ष महेश चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी, शहरी मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. प्रसनजीत मैत्रा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
वहीं नीमा नोएडा के अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने आयोजन की अगुवाई की। एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. बी.पी. सिंह और डॉ. मुकेश गुप्ता की उपस्थिति भी विशेष रही। इसके अतिरिक्त डॉ. सुनीता चौधरी, डॉ. प्रशांत, डॉ. कपिल त्यागी, डॉ. वंदना, डॉ. अक्षय चौहान, डॉ. भोज राज सिंह, डॉ. स्नेह लता, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. रमेश छाबड़ा और डॉ. हेमलता सोनी सहित अनेक चिकित्सक एवं एसोसिएशन के सदस्य समारोह में शामिल हुए।
कार्यक्रम में मुलतानी फार्मा के सदस्यों की भी उपस्थिति रही। चिकित्सा जगत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
चिकित्सा केवल पेशा नहीं, मानव सेवा का माध्यम
धन्वंतरि दिवस का मूल संदेश चिकित्सा सेवा को मानवता के कल्याण से जोड़ना है। चिकित्सक समाज का वह महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनके कंधों पर लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा की बड़ी जिम्मेदारी होती है। बीमारी के समय मरीज और उसके परिजनों के लिए चिकित्सक केवल उपचार करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि भरोसे और उम्मीद का केंद्र भी होता है।
इसी भावना के साथ धन्वंतरि दिवस का महत्व और बढ़ जाता है। यह अवसर चिकित्सकों को उनके पेशे की मूल भावना से जोड़ता है। आज जब जीवनशैली में बदलाव, प्रदूषण, तनाव और विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, तब समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना भी चिकित्सा समुदाय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन गई है।
आयुर्वेद भारतीय चिकित्सा ज्ञान की एक प्राचीन और समृद्ध परंपरा है। इसमें शरीर, मन और जीवनशैली के बीच संतुलन को स्वस्थ जीवन का आधार माना गया है। बदलते समय में चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संवाद, अनुभवों का आदान-प्रदान और मरीजों के हित को प्राथमिकता देना पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। नीमा जैसी संस्थाओं के आयोजन इस दिशा में चिकित्सकों को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान करते हैं।
भारतीय चिकित्सा परंपरा और आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच संवाद की जरूरत
आज चिकित्सा जगत के सामने चुनौतियां केवल बीमारियों के उपचार तक सीमित नहीं हैं। लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, समय पर जांच के महत्व को समझाना, संतुलित खानपान और बेहतर जीवनशैली के लिए प्रेरित करना भी उतना ही आवश्यक है। समाज में स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को दूर करने और प्रमाणिक चिकित्सा सलाह को प्रोत्साहित करने में चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
ऐसे में धन्वंतरि दिवस जैसे आयोजन चिकित्सा समुदाय के लिए अपनी सामाजिक भूमिका पर विचार करने का अवसर बनते हैं। भगवान धन्वंतरि का स्मरण यह संदेश देता है कि चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य मानव जीवन को स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर बनाना है।
नीमा नोएडा की ओर से आयोजित इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने चिकित्सा और सामाजिक सहभागिता के महत्व को भी सामने रखा। इस तरह के आयोजन चिकित्सकों के बीच आपसी संपर्क और संगठनात्मक एकजुटता को मजबूत करने के साथ समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचाने का माध्यम बन सकते हैं।
श्रद्धा, परंपरा और सेवा भावना के साथ संपन्न हुआ आयोजन
सेक्टर-51 में आयोजित धन्वंतरि दिवस समारोह ने एक बार फिर भारतीय चिकित्सा परंपरा की समृद्ध विरासत और चिकित्सक समुदाय की सामाजिक भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम में शामिल अतिथियों, चिकित्सकों और एसोसिएशन के सदस्यों की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बनाया।
धन्वंतरि दिवस का संदेश स्पष्ट है कि स्वस्थ समाज का निर्माण केवल अस्पतालों और दवाओं से नहीं, बल्कि जागरूकता, अनुशासन, बेहतर जीवनशैली और सेवा के प्रति समर्पण से भी होता है। भगवान धन्वंतरि की आराधना के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व चिकित्सकों को उनके कर्तव्य की याद दिलाता है कि उनके ज्ञान और कौशल का सबसे बड़ा उद्देश्य मानवता की सेवा है।
नीमा नोएडा का यह आयोजन इसी सांस्कृतिक और चिकित्सकीय भावना को समर्पित रहा, जहां परंपरा के प्रति सम्मान के साथ स्वास्थ्य और मानव सेवा के महत्व को प्रमुखता दी गई।















