गाजीपुर। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें उत्तर प्रदेश विधान परिषद के वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन 2026 के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मतदान दिवस पर सभी राजनीतिक दल यह सुनिश्चित करें कि उनके कार्यालय मतदान केंद्र की परिधि से 200 मीटर की दूरी पर स्थापित हों। चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक पदाधिकारियों की उपस्थिति प्रतिबंधित रहेगी। यह व्यवस्था लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों की तरह इस निर्वाचन में भी प्रभावी रहेगी।
उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के लिए भेजे जाने वाले बल्क एसएमएस और फोन पर वॉयस मैसेज भी चुनावी विज्ञापनों के पूर्व-प्रमाणीकरण के दायरे में आएंगे। टीवी चैनल, केबल नेटवर्क, निजी एफएम रेडियो, सार्वजनिक स्थानों पर ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले चुनावी विज्ञापनों के लिए भी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
बैठक में मतदान प्रक्रिया, पोलिंग पार्टियों की रवानगी तथा निर्वाचन संबंधी अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने मतदाताओं की पहचान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र अथवा आयोग द्वारा निर्धारित दस वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करने के प्रावधान की जानकारी दी। उन्होंने निष्पक्ष एवं व्यवस्थित निर्वाचन संपन्न कराने में सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की।इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी वेद सिंह चौहान, भाजपा जिला कार्यालय मंत्री राजन प्रजापति, अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य रविकान्त राय, समाजवादी पार्टी के जिला सचिव एवं मतदाता सूची प्रभारी राजेश कुमार यादव, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष जावेद अहमद, बहुजन समाज पार्टी के जिला कार्यालय सचिव जनक लाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।















