गाजीपुर। महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केंद्र गाजीपुर ने आपसी मतभेद के कारण अलग रह रहे एक दंपती के बीच सुलह कराकर सराहनीय कार्य किया। दोनों पक्षों की काउंसलिंग और मध्यस्थता के बाद पति-पत्नी आपसी गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने के लिए राजी हो गए। इसके बाद उनकी सकुशल विदाई कराई गई।
पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन में रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के विवाद से संबंधित कुल 17 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इस दौरान काफी समय से विवादित चल रहे एक मामले में दोनों पक्षों को समझाकर बिना किसी दबाव के उनकी आपसी सहमति से सुलह कराई गई। इसके बाद दंपती को साथ रहने के लिए विदा किया गया।परिवार परामर्श केंद्र की ओर से तीन प्रकरणों में कुशलक्षेम की जानकारी लेने के बाद पत्रावली बंद कर दी गई। वहीं, चार प्रकरणों में विधिक सुझाव देते हुए पत्रावली बंद की गई। इसके अलावा चार मामलों में दोनों पक्षों के उपस्थित नहीं होने के कारण पत्रावली बंद कर दी गई। शेष मामलों में मध्यस्थता पूरी नहीं होने के चलते सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित की गई।
परिवार परामर्श केंद्र का उद्देश्य पारिवारिक विवादों को आपसी बातचीत, समझौते और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाकर परिवारों को टूटने से बचाना है।
इस दौरान प्रकरणों के निस्तारण में काउंसलर विक्रमादित्य मिश्र, वीरेंद्र नाथ राम, कमरूद्दीन, पूजा श्रीवास्तव, अनीता यादव, महिला आरक्षी सोनाली, संध्या, अभिलाषा, सविता, रागिनी चौबे तथा आरक्षी शिव शंकर यादव सहित अन्य कर्मियों की प्रमुख भूमिका रही।















