“लखनऊ से लौटते वक्त पोटा कबूलपुर के पास हुआ भीषण हादसा, टायर फटने के बाद बेकाबू हुई कार—विधायक, गनर और चालक घायल, दिल्ली एम्स रेफर”
पर्दाफाश न्यूज़ | बुलंदशहर/हापुड़
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से इस वक्त की बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। डिबाई विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी शनिवार को गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। लखनऊ से लौटते समय पोटा कबूलपुर गांव के पास उनकी फॉर्च्यूनर कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से फिसली और पोल से जा टकराई। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में विधायक के साथ मौजूद गनर और चालक भी घायल हुए हैं। प्रारंभिक उपचार के बाद विधायक को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली स्थित एम्स रेफर किया गया।
कुछ सेकंड में बदल गया पूरा सफर
बताया जा रहा है कि विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी लखनऊ से गाजियाबाद/दिल्ली की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान गंगा एक्सप्रेसवे पर बीबीनगर थाना क्षेत्र के पोटा कबूलपुर गांव के पास उनकी फॉर्च्यूनर हादसे की चपेट में आ गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कार का टायर अचानक फट गया। इसी दौरान सड़क पर बारिश का पानी और जलभराव होने की बात भी सामने आई है। वाहन के संतुलन बिगड़ने के बाद फॉर्च्यूनर सड़क से फिसलती हुई आगे बढ़ी और अंततः पोल से जा टकराई। कुछ रिपोर्टों में वाहन के काफी दूरी तक फिसलने की बात कही गई है और हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आने की जानकारी भी दी गई है।
हालांकि दुर्घटना का अंतिम तकनीकी कारण पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। टायर फटना, सड़क पर पानी और वाहन के अनियंत्रित होने की परिस्थितियां फिलहाल शुरुआती रिपोर्टों का हिस्सा हैं।

टक्कर इतनी जोरदार कि बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई फॉर्च्यूनर
हादसे की तस्वीरें और सामने आई जानकारी दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा देती हैं। फॉर्च्यूनर सड़क किनारे लगे पोल से टकराने के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्रत्यक्ष विवरणों के अनुसार वाहन काफी दूर तक फिसलता हुआ गया।
कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि टक्कर के दौरान पोल भी क्षतिग्रस्त होकर वाहन के पिछले हिस्से पर गिरा। इस पूरी घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर बारिश, जलभराव और तेज गति से चल रहे वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लेकिन इन परिस्थितियों को हादसे का अंतिम कारण मान लेना अभी जल्दबाजी होगी। दुर्घटना की वास्तविक वजह निर्धारित करने के लिए वाहन की तकनीकी जांच, सड़क की स्थिति और घटनास्थल के उपलब्ध फुटेज समेत अन्य तथ्यों की जांच जरूरी होगी।
विधायक को गंभीर चोट, गनर और चालक भी घायल
हादसे के समय फॉर्च्यूनर में विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी के अलावा उनके गनर और चालक मौजूद थे। तीनों को चोटें आईं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार विधायक को सबसे अधिक चोट लगी, जबकि गनर और चालक को अपेक्षाकृत कम चोटें आईं।
विधायक की चोटों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग विवरण सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में पसली में गंभीर चोट और आंतरिक चोट की बात कही गई है। इसलिए उनकी चोट की अंतिम चिकित्सकीय स्थिति का आकलन डॉक्टरों की जांच और आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही किया जाना उचित होगा।

मौके पर मची अफरा-तफरी, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन की ओर दौड़ लगाई। घायलों को कार से बाहर निकालने में मदद की गई और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
बताया गया कि घायल विधायक को पहले हापुड़ के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी चोटों की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें उच्च स्तरीय उपचार के लिए दिल्ली एम्स रेफर कर दिया।
हापुड़ से दिल्ली एम्स तक पहुंची गंभीरता
हादसे के बाद सबसे बड़ी चिंता विधायक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर रही। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स ले जाया गया, जहां आगे का उपचार किया जा रहा है। उनके परिवार और समर्थकों के लिए यह हादसा किसी बड़े सदमे से कम नहीं था।
भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों तक हादसे की सूचना पहुंचते ही घटनाक्रम पर नजर रखी जाने लगी। बुलंदशहर भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा भी विधायक के घायल होने की पुष्टि किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
हादसे ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
यह दुर्घटना सिर्फ एक जनप्रतिनिधि के घायल होने की खबर नहीं है। बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा की व्यवस्थाओं को लेकर भी यह घटना कई सवाल सामने लाती है।
अगर प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सड़क पर पानी जमा था और इसी वजह से वाहन के टायरों की पकड़ प्रभावित हुई, तो यह जांच का विषय होना चाहिए कि उस स्थान पर जलनिकासी और सड़क सुरक्षा की व्यवस्था कैसी थी।
हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि केवल जलभराव को हादसे का कारण मान लेना अभी उचित नहीं होगा। वाहन की गति, टायर की वास्तविक स्थिति, सड़क की सतह, मौसम, ड्राइविंग परिस्थितियां और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
एक्सप्रेसवे पर फिसली BJP विधायक की फॉर्च्यूनर, बुरी तरीके से फिसलकर पोल से टकराकर हुई बुरी तरह क्षतिग्रस्त!
डिबाई विधायक चंद्रपाल सिंह दिल्ली AIIMS रेफर, हादसे का LIVE वीडियो आया सामने।#Bulandshahr #BJP #BreakingNews #RoadAccident #NewsRadarTV pic.twitter.com/BJ0sYZ7xoA
— PRIYA RANA (@priyarana3101) September 27, 2026
सीसीटीवी फुटेज से खुलेंगे कई सवालों के जवाब
हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आने की रिपोर्टों के बाद जांच को महत्वपूर्ण दृश्य साक्ष्य मिल सकता है। फुटेज में वाहन के अनियंत्रित होने और सड़क से फिसलने की स्थिति दिखाई देने की बात कही गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वाहन करीब 300 मीटर तक फिसलता हुआ गया।
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे अहम सवाल यह होगा कि वाहन का नियंत्रण किस क्षण और किस वजह से बिगड़ा? क्या टायर पहले फटा और उसके बाद कार अनियंत्रित हुई, या सड़क की स्थिति ने वाहन के संतुलन को प्रभावित किया? इन सवालों का जवाब तकनीकी जांच से ही सामने आएगा।
पुलिस जांच में जुटी, अंतिम वजह का इंतजार
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाने और यातायात व्यवस्था सामान्य करने की कार्रवाई की गई। पुलिस स्तर पर दुर्घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रशासन के सामने अब दोहरी जिम्मेदारी है—एक तरफ घायल विधायक और अन्य घायलों के इलाज की स्थिति पर नजर रखना और दूसरी तरफ हादसे की वास्तविक वजह का निष्पक्ष पता लगाना।
पर्दाफाश न्यूज़ का सवाल: सड़क सुरक्षा सिर्फ हादसे के बाद क्यों याद आती है?
गंगा एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा कई स्तरों पर सोचने को मजबूर करता है। सड़कें आधुनिक हों, वाहन अत्याधुनिक हों और सफर तेज हो—लेकिन बारिश के दौरान सड़क पर पानी, वाहन की तकनीकी खराबी और अचानक उत्पन्न परिस्थितियां अगर किसी वाहन को चंद सेकंड में मौत के मुहाने तक पहुंचा सकती हैं, तो सड़क सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा जरूरी है।
इस हादसे में घायल विधायक के जल्द स्वस्थ होने की कामना के साथ यह भी जरूरी है कि दुर्घटना के कारणों को लेकर किसी तरह की अटकलों के बजाय तथ्यों को सामने लाया जाए।
क्यों फटा टायर? सड़क पर कितना पानी था? वाहन की वास्तविक गति क्या थी? क्या जलनिकासी व्यवस्था पर्याप्त थी? क्या सड़क की सतह की स्थिति मानकों के अनुरूप थी?
इन सवालों के जवाब जांच से सामने आने चाहिए।
फिलहाल सबसे अहम बात विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी, उनके गनर और चालक का उपचार है। हादसा बेहद गंभीर था, लेकिन इसकी परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस और चिकित्सकीय जांच के बाद ही सामने आना चाहिए।
पर्दाफाश न्यूज़ इस मामले में हर आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए हुए है।















