“RWA अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने जिलाधिकारी मेधा रूपम से विशेष जांच शिविर और लंबित वोटर आईडी के तत्काल वितरण की उठाई मांग”
नोएडा (गौतम बुद्ध नगर): लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण अधिकार—मताधिकार—को लेकर नोएडा के सेक्टर-105 के निवासियों में असमंजस और नाराज़गी बढ़ती जा रही है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत महीनों पहले आवेदन पत्र जमा करने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को अब तक यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हुआ है या नहीं। वहीं, जिन आवेदनों को स्वीकृति मिल चुकी है, उन्हें भी अभी तक मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) उपलब्ध नहीं कराया गया है।
इस गंभीर जनसमस्या को लेकर सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो बड़ी संख्या में मतदाता अपने संवैधानिक अधिकार के प्रयोग से वंचित हो सकते हैं।
‘मताधिकार को लेकर अनिश्चितता लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय’
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि सेक्टर-105 के निवासियों ने निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए समय पर एसआईआर फॉर्म भरकर जमा किए थे। नागरिकों को उम्मीद थी कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी मतदाता स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन पोर्टल पर भी कई लोगों को स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। ऐसे में नागरिकों को बार-बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और संसाधनों की अनावश्यक बर्बादी हो रही है।
वोटर आईडी नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
दिव्य कृष्णात्रेय ने बताया कि कई ऐसे निवासी हैं जिनके आवेदन स्वीकार किए जा चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक नया मतदाता पहचान पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इससे लोगों में भ्रम और असंतोष दोनों बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि नागरिकों का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
सेक्टर में विशेष सहायता केंद्र लगाने की मांग
आरडब्ल्यूए ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सेक्टर-105 में एक विशेष जांच शिविर अथवा सहायता केंद्र स्थापित किया जाए, जहां निवासी अपनी मतदाता सूची की स्थिति का तत्काल सत्यापन करा सकें। साथ ही जिन लोगों के वोटर आईडी कार्ड लंबित हैं, उन्हें शीघ्र तैयार कराकर वितरित करने की व्यवस्था भी की जाए।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
दिव्य कृष्णात्रेय ने जिलाधिकारी मेधा रूपम के संवेदनशील नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जल्द प्रभावी कदम उठाएगा। उनका मानना है कि मतदाता सूची और पहचान पत्र से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के साथ-साथ नागरिकों का प्रशासन पर भरोसा भी बढ़ाएगा।
लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा पर जोर
आरडब्ल्यूए का कहना है कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं बल्कि लोकतंत्र की आधारशिला है। इसलिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होने और पहचान पत्र समय पर उपलब्ध कराने जैसी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की देरी नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित कर सकती है। सेक्टर-105 के निवासी अब जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।














