नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को DDC एपेक्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मानसून की तैयारियों, संभावित जलभराव, आगामी कांवड़ यात्रा और विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी में जलभराव को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अधिकारियों को केवल कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय स्वयं फील्ड में जाकर स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए।
बैठक में सभी जिलाधिकारियों ने मिशन कायाकल्प के तहत अपने-अपने जिलों के दो-दो जर्जर सरकारी विद्यालयों के नवीनीकरण की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने स्थानीय जनसहयोग, CSR और क्राउड फंडिंग के माध्यम से बेहतर कार्य करने वाले जिलों की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।
जलभराव पर एजेंसियों को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक के दौरान विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जलभराव, ड्रेनेज, नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों और विद्युत उपकेंद्रों से जुड़ी समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। इस पर मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां विभिन्न एजेंसियां संयुक्त निरीक्षण कर तत्काल जमीनी कार्रवाई शुरू करें।
अधिकारियों को फील्ड विजिट का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिक के लिए यह मायने नहीं रखता कि क्षेत्र किस विभाग—PWD, MCD, दिल्ली जल बोर्ड या DDA—के अधिकार क्षेत्र में आता है। जनता केवल समस्या का समाधान चाहती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहली बारिश में जिन संवेदनशील स्थानों और हॉटस्पॉट पर जलभराव हुआ है, वहां तत्काल पंपों की व्यवस्था, नालों की सफाई और ड्रेनेज कनेक्टिविटी को दुरुस्त किया जाए।
संवेदनशील इलाकों की विशेष निगरानी
बैठक में बलजीत नगर, पटेल नगर, संगम विहार, बवाना, किराड़ी सेक्टर-20 से 24, पटपड़गंज, मुंगेशपुर, रामा विहार, खेड़ी पुल, लक्ष्मी नगर, कृष्णा नगर और मंडावली सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां विभिन्न विभागों की संयुक्त परियोजनाएं लंबित हैं, वहां समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का इंतजार करने के बजाय नियमित रूप से सड़कों, नालों, पंपिंग स्टेशनों और ड्रेनेज नेटवर्क का निरीक्षण करें।
कांवड़ यात्रा और पीएम उदय योजना पर भी जोर
आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूर्व वर्षों में शिविर लगाने वाली पंजीकृत संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर समय रहते पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, बिजली और यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
इसके अलावा पीएम उदय योजना के तहत दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि नागरिक 31 अक्टूबर की निर्धारित समय सीमा से पहले अपना पंजीकरण आसानी से पूरा कर सकें।
विकास कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी DDC अध्यक्षों को प्रत्येक जिले में चल रहे विकास कार्यों और प्रमुख परियोजनाओं की नियमित प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। बैठक में मिनी सचिवालयों की स्थापना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाली जनसुनवाई, स्वच्छता अभियान तथा नागरिकों को गर्मी से राहत देने के लिए विकसित किए जा रहे कूलिंग जोन की भी समीक्षा की गई।
अतिक्रमण हटाने और हरित अभियान पर जोर
मुख्यमंत्री ने MCD अधिकारियों को फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज करने के निर्देश दिए ताकि पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन मिल सके। साथ ही 70 लाख पौधारोपण अभियान में सभी विभागों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा डस्ट मिटिगेशन के तहत सड़कों के सेंट्रल वर्ज और ब्राउन एरिया में बड़े पैमाने पर हरित आवरण विकसित करने पर भी विशेष बल दिया।














