अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आशुतोष गुप्ता (एसडीएम) के आह्वान पर सदर तहसील, ग्रेटर नोएडा में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना तथा सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में तहसीलदार अजय कुमार, नायब तहसीलदार, ज्योत्सना सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया।
वर्तमान समय में योग की बढ़ती आवश्यकता
आज के दौर में अनियमित दिनचर्या, बढ़ता मानसिक तनाव, व्यस्त जीवनशैली, शारीरिक निष्क्रियता और असंतुलित खानपान के कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, अनिद्रा और अवसाद जैसी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसी परिस्थितियों में योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य और जीवन प्रबंधन की एक वैज्ञानिक एवं प्रभावी पद्धति बनकर उभरा है।
योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से संतुलित, भावनात्मक रूप से सशक्त और आध्यात्मिक रूप से जागरूक बनाता है। यही कारण है कि आज विश्व के अनेक देशों ने योग को स्वस्थ जीवन का आधार माना है।
वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ योग सत्र का शुभारंभ
अंतरराष्ट्रीय योगाचार्य योगी सचिन ने अंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकॉल के अनुरूप वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ योग सत्र का शुभारंभ कराया। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन, मस्तिष्क और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने की एक प्राचीन भारतीय विद्या है।
उन्होंने प्रतिभागियों को ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन तथा अन्य सूक्ष्म व्यायामों का अभ्यास कराया। साथ ही इन क्रियाओं से होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से सूक्ष्म व्यायाम करने से शरीर की जकड़न दूर होती है, रक्त संचार बेहतर होता है तथा जोड़ों और मांसपेशियों की कार्यक्षमता बढ़ती है।
विभिन्न योगासनों के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन का संदेश
योग सत्र के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, उष्ट्रासन, शशांकासन, भुजंगासन तथा पवनमुक्तासन जैसे महत्वपूर्ण योगासनों का अभ्यास कराया गया।
योगी सचिन ने बताया कि ताड़ासन शरीर के संतुलन और सही मुद्रा को विकसित करता है, वृक्षासन एकाग्रता और मानसिक स्थिरता बढ़ाता है, उष्ट्रासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, शशांकासन तनाव और थकान को कम करने में सहायक है, भुजंगासन पीठ और फेफड़ों को मजबूत बनाता है तथा पवनमुक्तासन पाचन तंत्र को सक्रिय करने में विशेष रूप से लाभकारी है।
उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है।
प्राणायाम से मानसिक और शारीरिक संतुलन
कार्यक्रम के दौरान कपालभाति, अनुलोम-विलोम, शीतली और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास भी कराया गया।
योगी सचिन ने बताया कि प्राणायाम श्वसन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि कपालभाति शरीर को ऊर्जावान बनाती है, अनुलोम-विलोम नाड़ियों को संतुलित करता है, शीतली प्राणायाम शरीर और मन को शीतलता प्रदान करता है तथा भ्रामरी प्राणायाम मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन स्थापित करने में अत्यंत प्रभावी है।
योग : जीवनशैली जनित रोगों से बचाव का सरल और वैज्ञानिक उपाय
योगी सचिन ने कहा कि वर्तमान समय में जीवनशैली संबंधी रोग समाज के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में योग एक सरल, सुलभ, किफायती और वैज्ञानिक समाधान प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि यदि प्रतिदिन कुछ समय योग और ध्यान के लिए समर्पित किया जाए, तो अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचा जा सकता है। योग व्यक्ति को आत्मानुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
ध्यान और शांति पाठ के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में योगी सचिन ने सभी प्रतिभागियों को ध्यान का अभ्यास कराया, जिससे उन्हें आंतरिक शांति, मानसिक स्थिरता और आत्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ।
उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से प्रतिदिन योगाभ्यास करने और अपने परिवार तथा समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम योग है।
योगी सचिन एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय योगाचार्य एवं समर्पित योग प्रशिक्षक हैं, जो वर्षों से योग, प्राणायाम और प्राकृतिक जीवनशैली के माध्यम से समाज को स्वस्थ एवं जागरूक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
वर्तमान में वे पतंजलि के मुख्य योग शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। इससे पूर्व वे पतंजलि युवा भारत, नोएडा के जिला प्रभारी के रूप में संगठनात्मक एवं जन-जागरूकता गतिविधियों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर चुके हैं।
योगी सचिन भारतीय योग परंपरा के प्रचार-प्रसार और योग को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समर्पित हैं। वे इंडियन योगा एसोसिएशन तथा इंडियन योगा थैरेपिस्ट एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य हैं।
योग, प्राणायाम, ध्यान और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके अनुभव एवं विशेषज्ञता ने उन्हें एक प्रेरणादायी योग गुरु के रूप में स्थापित किया है। उनका मूल संदेश है— “प्रतिदिन योग करें, निरोग रहें और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।”














