गाजीपुर – ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) पर तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों (सीएचओ) की कार्यप्रणाली पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जिला प्रशासन ने मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्देश जारी किया है कि सभी सीएचओ प्रतिदिन सुबह और शाम अपने संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर पहुंचकर उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करेंगे। समय पर न पहुंचने या आरोग्य मंदिर बंद कर अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में कुल 276 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं, जिन पर 276 सीएचओ तैनात हैं। उन्हें सुबह नौ बजे केंद्र खोलने और शाम चार बजे तक सेवाएं देने का निर्देश है। इन केंद्रों की स्थापना ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग पांच हजार आबादी को गांव के निकट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
आरोग्य मंदिरों पर ब्लड प्रेशर, मधुमेह, हृदय रोग सहित गैर संचारी रोगों की जांच और उपचार किया जाता है। इसके अलावा टीबी, मलेरिया, डेंगू और मियादी बुखार जैसे संक्रामक रोगों का उपचार, गर्भवती महिलाओं की जांच, टीकाकरण, मानसिक स्वास्थ्य, ईएनटी तथा नेत्र रोग संबंधी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। यहां ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, शुगर, हीमोग्लोबिन और प्रेग्नेंसी टेस्ट समेत 14 से अधिक प्रकार की जांच सुविधाएं भी संचालित हैं।
हालांकि, सीएचओ की लापरवाही और अनुपस्थिति की लगातार मिल रही शिकायतों के कारण ग्रामीणों को इन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।














