Friday, May 22, 2026
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कॉकरोच से सियासत तक! — CJI टिप्पणी के बाद वायरल हुई ‘Cockroach Janta Party’, 6 दिन में करोड़ों फॉलोअर्स, सोशल मीडिया पर छाई नई डिजिटल बगावत

नई दिल्ली। देश की राजनीति और सोशल मीडिया के बीच एक अजीब लेकिन बेहद तेज़ी से वायरल हुआ नाम इन दिनों सुर्खियों में है — Cockroach Janta Party (CJP)। यह कोई चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक दल नहीं, बल्कि युवाओं के गुस्से, व्यंग्य और डिजिटल विरोध का एक ऑनलाइन सटायर मूवमेंट है, जिसने कुछ ही दिनों में सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त पकड़ बना ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या लाखों से बढ़कर करोड़ों में पहुंच गई है और हालिया खबरों में यह संख्या 18 मिलियन से अधिक बताई गई है।

कहां से शुरू हुई यह ‘कॉकरोच पार्टी’?

इस पूरे ट्रेंड की शुरुआत उस विवादित टिप्पणी के बाद हुई, जिसे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश CJI Surya Kant से जोड़ा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, युवाओं और बेरोजगारी को लेकर की गई टिप्पणी को सोशल मीडिया पर “कॉकरोच” से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद भारी नाराज़गी और बहस शुरू हो गई। बाद में CJI ने स्पष्ट किया कि उनकी मौखिक टिप्पणी को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया और उनका इशारा बेरोजगार युवाओं की ओर नहीं, बल्कि फर्जी और झूठी डिग्री के सहारे व्यवस्था का लाभ उठाने वालों की ओर था।

एक मज़ाक, जो विरोध बन गया

इसी बहस के बीच अभिजीत दीपके ने 16 मई को Cockroach Janta Party की शुरुआत की। वे Boston University के छात्र हैं और उनके इस डिजिटल सटायर ने कुछ ही दिनों में इंटरनेट पर धमाल मचा दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, CJP का X अकाउंट भी भारत में withheld कर दिया गया, लेकिन इससे इसकी लोकप्रियता और भी बढ़ गई।

क्यों जुड़ रहे हैं युवा?

CJP की लोकप्रियता सिर्फ नाम की वजह से नहीं, बल्कि इसके पीछे छुपे उस गुस्से की वजह से भी है जो बेरोजगारी, डिजिटल असंतोष और सिस्टम के प्रति तंज के रूप में सामने आया। पार्टी खुद को “युवाओं का, युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए” बताती है और इसके व्यंग्यात्मक नारे — “धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक और आलसी” — ने इसे अलग ही पहचान दी है। इसकी सदस्यता की शर्तें भी उसी तंज भरे अंदाज़ में रखी गई हैं, जैसे बेरोजगार होना, आलसी होना, हमेशा ऑनलाइन रहना और पेशेवर तरीके से भड़ास निकालना।

पार्टी नहीं, एक डिजिटल मूवमेंट

हालांकि CJP खुद को “पार्टी” कहती है, लेकिन यह फिलहाल किसी आधिकारिक राजनीतिक संगठन के रूप में पंजीकृत नहीं है। यह दरअसल एक सोशल मीडिया-आधारित सटायर मूवमेंट है, जिसने राजनीतिक भाषा, युवाओं की हताशा और इंटरनेट मीम कल्चर को एक साथ मिला दिया। इसी वजह से इसे एक नए तरह की Gen Z political expression के रूप में देखा जा रहा है।

विपक्षी दलों से ज्यादा चर्चा में

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि CJP ने कुछ ही दिनों में बड़े राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया फॉलोअर्स को भी पीछे छोड़ दिया। इसकी ऑनलाइन पहुंच इतनी तेज़ी से बढ़ी कि यह केवल एक मीम नहीं, बल्कि राजनीतिक संवाद का नया प्रतीक बनती दिख रही है। यहां तक कि इस वायरल लहर पर देश से बाहर भी प्रतिक्रिया आई और पाकिस्तान में भी इसी तर्ज पर एक “Cockroach Awaam Party” का जिक्र सामने आया।

अब बड़ा सवाल: मीम से मुद्दा बनेगा या नहीं?

CJP की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता इस बात का संकेत है कि युवा वर्ग अब पारंपरिक राजनीतिक भाषणों से आगे बढ़कर व्यंग्य, ह्यूमर और डिजिटल विद्रोह की भाषा अपना रहा है। बेरोजगारी, पहचान और नाराज़गी जैसे मुद्दे अब सिर्फ सड़कों पर नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम रील्स, पोस्ट्स और मीम्स के ज़रिए भी राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं।

 

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VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
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