गाजीपुर – चर्चित कटारिया पथराव कांड में समाजवादी पार्टी (सपा) नेता सत्या यादव को करीब 30 दिन बाद जिला कारागार से जमानत पर रिहा कर दिया गया। उनकी रिहाई के बाद सपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया और जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटी रही।
यह मामला करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में 22 अप्रैल 2026 को हुए बवाल और पथराव से जुड़ा है। घटना के बाद पुलिस ने सपा के 46 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था, जबकि 200 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सत्य यादव समेत 16 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पूरे विवाद की शुरुआत 15 अप्रैल 2026 को हुई, जब कटारिया गांव की युवती निशा शर्मा का शव गंगा पुल के पास मिला था। इस मामले में 19 अप्रैल को हत्या का मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 22 अप्रैल को सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचा।
पुलिस के अनुसार, केवल 15 लोगों को मिलने की अनुमति थी, लेकिन बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच नोकझोंक बढ़ी और देखते ही देखते नारेबाजी, धक्का-मुक्की तथा पथराव शुरू हो गया। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, सदर विधायक जैकिशन साहू और जंगीपुर विधायक विरेन्द्र यादव समेत कई नेताओं पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और भ्रामक सूचना फैलाने के आरोप लगाए थे। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस मामले की जांच जारी होने की बात कह रही है।














