गाजीपुर। विद्युत कर्मचारियों पर हो रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाईयों के विरोध में मंगलवार को सर्किल ऑफिस लालदरवाजा परिसर में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अधिकारियों, कर्मचारियों और संविदा कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान निजीकरण, दंडात्मक नीतियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाईयों के विरोध में सभा आयोजित कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की गई।
सभा को संबोधित करते हुए इंजीनियर मिथिलेश सिंह और पीके तिवारी ने कहा कि विद्युत प्रबंधन की गलत नीतियों और लापरवाही के कारण बिजली व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। इसके बावजूद प्रबंधन कर्मचारियों का सहयोग लेने के बजाय दमनात्मक रवैया अपना रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 20-25 वर्षों से बिजली व्यवस्था संभाल रहे अल्प वेतनभोगी संविदा कर्मियों को डाउनसाइजिंग के नाम पर हटाया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर नियमित कर्मचारियों के पद समाप्त किए जा रहे हैं, जिससे बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है और उपभोक्ताओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों पर की गई अधिकांश कार्रवाईयां किसी अनुशासनहीनता के कारण नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की वजह से की गई हैं।
कर्मचारियों ने सभी कार्रवाईयों को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में चारों डिविजन के अधिशाषी अभियंता, उपखंड अधिकारी, अवर अभियंता समेत बड़ी संख्या में विद्युत कर्मी उपस्थित रहे।














