नोएडा। समाजवादी पार्टी की नोएडा महानगर इकाई की मासिक बैठक रविवार को उस समय विवादों में घिर गई, जब बैठक के दौरान ही कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महानगर अध्यक्ष की कार्यशैली पर खुलकर सवाल खड़े कर दिए। सेक्टर-53 स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित इस बैठक में संगठन की स्थिति, चुनावी प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं की अनदेखी जैसे मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा हुआ।
सूत्रों के मुताबिक बैठक की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता कर रहे थे, लेकिन चर्चा शुरू होते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। कई नेताओं ने आरोप लगाया कि संगठन में जमीनी कार्यकर्ताओं को महत्व नहीं दिया जा रहा और पार्टी का ढांचा लगातार कमजोर होता जा रहा है।
संगठन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बैठक में मौजूद कई वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि महानगर अध्यक्ष बनने के बाद से संगठनात्मक मजबूती के बजाय पार्टी की स्थिति कमजोर हुई है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सेक्टर और वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल खत्म होता जा रहा है और पार्टी कार्यालय कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित होकर रह गया है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी को 2022 विधानसभा चुनाव की तुलना में काफी कम वोट मिले, जो संगठनात्मक कमजोरी की ओर इशारा करता है। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं ने महानगर अध्यक्ष की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जाहिर की।
“कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी जा रही”
बैठक में मौजूद नेताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। कुछ नेताओं ने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी को मजबूत करने के लिए वर्षों तक काम किया, आज वही लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
एक वरिष्ठ नेता ने यहां तक कहा कि संगठन में “अहंकार और गुटबाजी” का माहौल बन गया है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है। बैठक के दौरान कई बार तीखी बहस भी देखने को मिली।
फोनरवा संस्था को लेकर भी छिड़ी बहस
बैठक में हाल के दिनों में फोनरवा संस्था द्वारा मंजूरी ट्रिप में सपा नेताओं के जाने का मुद्दा भी उठा। कुछ नेताओं ने इस पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इससे पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है।
हालांकि, दूसरी ओर कुछ नेताओं ने इन आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि फोनरवा शहर की एक सम्मानित सामाजिक और राजनीतिक संस्था है और उसमें शामिल होना कोई गलत बात नहीं है। उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी की भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
“मीडिया में खबरें प्लांट कराई जा रही हैं”
बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने यह आरोप भी लगाया कि पार्टी के अंदरूनी लोग ही मीडिया में खबरें प्लांट कराकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप लगाने वालों ने कहा कि कुछ लोग “भाजपा एजेंट” की तरह काम कर रहे हैं और पार्टी को अंदर से कमजोर करने में लगे हैं।
इस बयान के बाद बैठक का माहौल और अधिक गर्म हो गया और कई नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
महानगर अध्यक्ष ने आरोपों को बताया अफवाह
बैठक में उठे आरोपों पर महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने सफाई देते हुए कहा कि विरोधियों द्वारा जानबूझकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि संगठन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ता एकजुट हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार जनता के मुद्दों को उठा रही है और आने वाले समय में संगठन को और मजबूत किया जाएगा।
संगठन के भीतर बढ़ती खींचतान के संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक में सामने आई नाराजगी समाजवादी पार्टी की नोएडा इकाई के भीतर बढ़ती अंदरूनी खींचतान का संकेत है।
लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी के कई स्थानीय संगठन अपने प्रदर्शन की समीक्षा कर रहे हैं और ऐसे में नोएडा की यह बैठक भविष्य की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, जिस तरह बैठक में खुलकर आरोप-प्रत्यारोप हुए, उसने संगठनात्मक एकता पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है हलचल
सूत्रों का कहना है कि बैठक के बाद पार्टी के अंदर असंतोष की चर्चा और तेज हो गई है। कई कार्यकर्ता अब संगठन में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ नेता इस विवाद को जल्द शांत करने की कोशिश में जुट गए हैं।
फिलहाल समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह बैठक नोएडा की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।














