बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच शनिवार को दिल्ली की राजनीति एक बार फिर ‘शीशमहल’ विवाद की आग में सुलग उठी। दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर लोधी एस्टेट स्थित उनके नए सरकारी बंगले को लेकर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वर्मा ने बंगले की कथित तस्वीरें जारी करते हुए इसे ‘शीशमहल पार्ट-2’ करार दिया और आम आदमी पार्टी का नया अर्थ बताते हुए उसे ‘आलीशान आदमी पार्टी’ कहा। इस आरोप-प्रत्यारोप ने राजधानी की सियासत में नया भूचाल ला दिया है।
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में परवेश वर्मा ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि जिस व्यक्ति ने सादगी, ईमानदारी और सरकारी सुविधाएं न लेने का वादा कर राजनीति में प्रवेश किया था, वही आज आलीशान जीवनशैली का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को ‘दो कमरों का फ्लैट’ देने की बात करने वाले केजरीवाल अब लुटियंस दिल्ली के 95, लोधी एस्टेट स्थित टाइप-VII बंगले में रह रहे हैं, जिसकी साज-सज्जा किसी सात सितारा होटल से कम नहीं। वर्मा ने दावा किया कि बंगले में पांच बेडरूम, भव्य ड्रॉइंग रूम, आलीशान इंटीरियर और महंगे निजी निवेश के संकेत साफ दिखाई देते हैं।
#WATCH | Delhi Minister Parvesh Verma says, “…The Aam Aadmi Party should be ‘Alishaan Aadmi Party’… Will Kejriwal tell us how much money has been invested in the Lodhi Road bungalow or the new Sheesh Mahal? Where did the money come from, and whose money is it?… Is it not… https://t.co/3UEDP4t3x7 pic.twitter.com/jOAsM4cvav
— ANI (@ANI) April 25, 2026
परवेश वर्मा यहीं नहीं रुके। उन्होंने आरोप लगाया कि यह वही राजनीतिक चरित्र है जिसने पहले दिल्ली में कोविड काल के दौरान करोड़ों रुपये खर्च कर चर्चित ‘शीशमहल’ बनवाया था और अब सत्ता से बाहर होने के बाद ‘शीशमहल-2’ तैयार कर लिया है। वर्मा के अनुसार, दिल्ली में हार के बाद केजरीवाल पंजाब चले गए थे, जहां उन्होंने अपने करीबी नेताओं— सत्येंद्र जैन, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया— के साथ सरकारी आवासों पर कब्जा जमाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इस व्यवस्था से नाराज हैं। भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि लोधी एस्टेट के इस नए बंगले में लगा पैसा कहां से आया, किस कंपनी ने लगाया और आखिर किसके हित साधे जा रहे हैं।
दिल्ली के मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल पर ‘जनता से विश्वासघात’ का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बंगला केवल सरकारी आवंटन भर नहीं है, बल्कि इसमें निजी धन से विलासिता जोड़ी गई है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “अगर इतनी मेहनत दिल्ली के प्रशासन पर की होती, जितनी एक-एक कमरे को सजाने में की गई, तो आज पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर नहीं जा रहे होते।” भाजपा ने इसे आम आदमी पार्टी की कथित नैतिक गिरावट और नेतृत्व की लालच का प्रतीक बताया।
#WATCH | Delhi Minister Parvesh Verma says, “…The Aam Aadmi Party should be ‘Alishaan Aadmi Party’… Will Kejriwal tell us how much money has been invested in the Lodhi Road bungalow or the new Sheesh Mahal? Where did the money come from, and whose money is it?… Is it not… https://t.co/3UEDP4t3x7 pic.twitter.com/jOAsM4cvav
— ANI (@ANI) April 25, 2026
हालांकि भाजपा के इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने तत्काल पलटवार करते हुए पूरे मामले को “फर्जीवाड़े की राजनीतिक पटकथा” बताया। AAP सांसद संजय सिंह ने साफ कहा कि परवेश वर्मा द्वारा जारी की गई तस्वीरें अरविंद केजरीवाल के घर की नहीं हैं और जो मीडिया संस्थान इन्हें सच बताकर चला रहे हैं, उन्हें मानहानि के मुकदमे के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के लिए मनगढ़ंत दृश्य गढ़ रही है।
AAP की वरिष्ठ नेता आतिशी ने भी भाजपा के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि परवेश वर्मा द्वारा दिखाई गईं तस्वीरें ‘Pinterest से डाउनलोड’ की गई हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को कम-से-कम AI का इस्तेमाल कर लेना चाहिए था ताकि झूठ इतनी जल्दी पकड़ा न जाता। आतिशी ने खुली चुनौती दी कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल और परवेश वर्मा अपने-अपने सरकारी घर जनता के लिए खोलें, केजरीवाल भी अपना घर खोल देंगे, फिर जनता खुद तय कर लेगी कि असली ऐशोआराम किसके यहां है।
#WATCH | Delhi Minister Parvesh Verma says, “…Delhi’s Rahman Dakait, just as a sequel to the movie ‘Dhurandhar’ came out, similarly, we are going to reveal ‘Sheesh Mahal 2’ today… Kejriwal built the Sheesh Mahal in Delhi when Delhi was suffering from the COVID wave… The… pic.twitter.com/LhsbPMFHFb
— ANI (@ANI) April 25, 2026
सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से ट्रेंड करने लगा। कई प्लेटफॉर्म्स पर भाजपा और AAP समर्थकों के बीच तस्वीरों की सत्यता, राजनीतिक नैतिकता और ‘इमेज वॉर’ को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। इंटरनेट समुदाय के एक हिस्से ने इसे “डिजिटल प्रोपेगेंडा बनाम डिजिटल डिफेंस” की नई लड़ाई बताया, जहां राजनीतिक दल अब प्रेस कॉन्फ्रेंस से ज्यादा विजुअल नैरेटिव के जरिए धारणा गढ़ने में जुटे हैं।
दरअसल, यह विवाद केवल एक बंगले की तस्वीरों तक सीमित नहीं है; इसके केंद्र में वह राजनीतिक छवि है जिस पर अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने अपना उदय खड़ा किया था— सादगी, पारदर्शिता और आम नागरिक जैसा जीवन। भाजपा उसी नैरेटिव को तोड़ने की कोशिश कर रही है, जबकि AAP इसे ‘झूठ की फैक्ट्री’ बताकर पलटवार कर रही है। ऐसे में ‘शीशमहल-2’ का यह नया अध्याय आने वाले दिनों में दिल्ली की सियासत को और गर्माने वाला है, क्योंकि सवाल अब केवल बंगले का नहीं, भरोसे की राजनीति का बन चुका है।














