देश की खाद्य नियामक संस्था Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने उपभोक्ता सुरक्षा और उत्पादों की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए एक अहम निर्णय लिया है। नई एडवाइजरी के तहत अब किसी भी फूड प्रोडक्ट, डाइटरी सप्लीमेंट या न्यूट्रास्यूटिकल में अश्वगंधा (Withania somnifera) की पत्तियों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
क्या बदला है नियमों में?
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि पहले से लागू नियमों के अनुसार केवल अश्वगंधा की जड़ (root) और उसका अर्क (extract) ही खाने-पीने की चीजों में इस्तेमाल के लिए अनुमत हैं।
हाल के दिनों में कुछ कंपनियों द्वारा इसकी पत्तियों और उनके एक्सट्रैक्ट का उपयोग किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
कंपनियों के लिए सख्त चेतावनी
FSSAI ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को साफ निर्देश दिए हैं कि:
अश्वगंधा की पत्तियों का किसी भी रूप (कच्चा, पाउडर या एक्सट्रैक्ट) में उपयोग गैरकानूनी होगा
नियमों का उल्लंघन करने पर Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी
साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ समय में बाजार में अश्वगंधा आधारित उत्पादों—जैसे हर्बल चाय, प्रोटीन पाउडर, न्यूट्रिशन ड्रिंक और वेलनेस सप्लीमेंट्स—की मांग तेजी से बढ़ी है।
इस बढ़ती मांग के बीच कुछ कंपनियां नियमों की अनदेखी कर पत्तियों का उपयोग कर रही थीं, जो निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है।
FSSAI issues an advisory regarding the use of Ashwagandha (Withania somnifera) in food products. Per the 2016 Regulations, only Ashwagandha roots and their extracts are permitted for use in health supplements and nutraceuticals. pic.twitter.com/h7U4QQREVG
— ANI (@ANI) April 20, 2026
विशेषज्ञों के अनुसार, अश्वगंधा की जड़ का उपयोग पारंपरिक रूप से सुरक्षित और प्रमाणित माना जाता है, जबकि पत्तियों के उपयोग पर पर्याप्त वैज्ञानिक सहमति और सुरक्षा डेटा उपलब्ध नहीं है।
आयुष मंत्रालय का भी समर्थन
इस मामले में Ministry of AYUSH ने भी सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने आयुर्वेदिक दवाएं और हर्बल उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अश्वगंधा की पत्तियों के उपयोग से बचें और केवल स्वीकृत भागों का ही इस्तेमाल करें।
उपभोक्ताओं के लिए क्या मतलब?
इस फैसले का उद्देश्य है:
बाजार में मिलने वाले उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बनाए रखना
गलत या अप्रमाणित सामग्री के उपयोग को रोकना
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अश्वगंधा युक्त उत्पाद खरीदते समय लेबल जरूर जांचें और सुनिश्चित करें कि उसमें केवल जड़ या उसका अर्क ही शामिल हो।
FSSAI का यह फैसला साफ संकेत देता है कि खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बढ़ते वेलनेस मार्केट के बीच यह कदम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और मानकों को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।














