बेंगलुरु:बेंगलुरु स्थित PES University में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब एक प्रोफेसर ने क्लासरूम में बातचीत के दौरान एक मुस्लिम छात्र को कथित तौर पर “टेररिस्ट” कह दिया। इस घटना के बाद आरोपी प्रोफेसर Dr. Muralidhar Deshpande को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें प्रोफेसर को छात्र के साथ तीखी बहस करते और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद छात्रों और सामाजिक संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
प्रोफेसर के खिलाफ FIR दर्ज
मामले को गंभीरता से लेते हुए बेंगलुरु पुलिस ने गिरिनगर पुलिस स्टेशन में डॉ. मुरलीधर देशपांडे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है।
यूनिवर्सिटी ने शुरू की आंतरिक जांच
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी मामले की जांच के लिए आंतरिक जांच शुरू कर दी है। संस्थान की ओर से कहा गया है कि क्लासरूम के सभी लेक्चर रिकॉर्ड किए जाते हैं और तकनीकी टीम वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है। जांच पूरी होने तक प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया गया है और अनुशासन समिति सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
NSUI ने की सख्त कार्रवाई की मांग
इस मामले में National Students’ Union of India (NSUI) ने भी शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्र संगठनों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की भेदभावपूर्ण भाषा और व्यवहार बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
कैंपस माहौल पर उठे सवाल
घटना के बाद छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कैंपस में भेदभाव, सुरक्षा और समावेशिता को लेकर चिंता जताई है। इस विवाद ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में क्लासरूम व्यवहार, जवाबदेही और आपसी सम्मान जैसे मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा है कि संस्थान में हर साल फैकल्टी को क्लासरूम स्थितियों को संभालने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या विवाद से बचा जा सके।














