गाजीपुर में डीसीसी/डीएलआरसी बैठक: ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने और योजनाओं में तेजी के निर्देश
गाजीपुर – जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में तिमाही डीसीसी/डीएलआरसी एवं विशेष जिला सलाहकार उपसमिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, आरबीआई के अग्रणी जिला अधिकारी अमित गुप्ता, अग्रणी जिला प्रबंधक राजदेव कुमार सहित विभिन्न बैंकों के समन्वयक और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में दिसंबर 2025 तक की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिले के ऋण-जमा अनुपात और विभिन्न सरकारी योजनाओं की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। जानकारी के अनुसार, मार्च 2025 में जिले का ऋण-जमा अनुपात 39.85 प्रतिशत था, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 41.65 प्रतिशत हो गया। वहीं 15 मार्च 2026 को यह बढ़कर 43.15 प्रतिशत पहुंच गया। इस दौरान कुल जमा राशि 22162 करोड़ रुपये और कुल अग्रिम 9562 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक साख योजना के तहत 7054 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 6167.67 करोड़ रुपये की उपलब्धि हासिल हुई, जो 88 प्रतिशत है। स्वयं सहायता समूह (SHG) के तहत 2900 के लक्ष्य के मुकाबले 3424 समूहों को ऋण स्वीकृत किया गया। एक जनपद एक उत्पाद योजना में 9 के लक्ष्य के सापेक्ष 13 खातों को ऋण दिया गया।
सीएम युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत 1750 लक्ष्य के मुकाबले 1658 आवेदन स्वीकृत हुए। किसान क्रेडिट कार्ड योजना में लक्ष्य से अधिक 172919 खातों में 2363.86 करोड़ रुपये वितरित किए गए। फसल बीमा के तहत 87838 खातों को कवर किया गया।
जिलाधिकारी ने ऋण-जमा अनुपात को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए बैंकों को ऋण वितरण में तेजी लाने और सरकारी योजनाओं के आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों को अधिक से अधिक फसल बीमा से जोड़ने और योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।














