गाजीपुर – जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह व्यवस्था समय की बचत करने के साथ-साथ लंबे समय से लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित मामलों के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती, जिससे विवाद स्थायी रूप से समाप्त हो जाता है। उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण कराने और सुलह-समझौते के माध्यम से आपसी वैमनस्य खत्म करने का आह्वान किया।
नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत शक्ति सिंह, अपर जिला जज कोर्ट संख्या-1 ने बताया कि यह लोक अदालत समाज के सभी वर्गों, विशेषकर किसानों, मजदूरों और जवानों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि छोटे मामलों का सुलह-समझौते से निस्तारण होने पर न्यायालयों का भार कम होगा और जनता को शीघ्र न्याय मिल सकेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजीपुर की सचिव श्रीमती अर्चना ने बताया कि इस लोक अदालत में कुल 1 लाख 34 हजार 668 मामलों को निस्तारण के लिए सूचीबद्ध किया गया था, जिनमें से 1 लाख 24 हजार 490 मामलों का सुलह-समझौते और संस्वीकृति के आधार पर अंतिम निस्तारण किया गया। विभिन्न न्यायालयों द्वारा 13 हजार 500 मामले तथा बैंक और अन्य विभागों द्वारा 1 लाख 10 हजार 990 मामले निस्तारित किए गए। बैंकों से जुड़े मामलों में लगभग 7 करोड़ 34 लाख रुपये की धनराशि का निस्तारण हुआ।
इस दौरान वृद्धा, दिव्यांग और विधवा पेंशन के लिए शिविर तथा मेडिकल कैम्प का भी आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश ने कुछ दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल भी वितरित की। कार्यक्रम में विभिन्न न्यायिक अधिकारी, न्यायालय कर्मचारी और वादकारी मौजूद रहे।














