साइबर हमले, बिजली-पानी की सप्लाई बाधित होने और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी; सरकार का उद्देश्य संकट के समय आम लोगों को आत्मनिर्भर बनाना
लंदन
ब्रिटेन में सरकार ने नागरिकों को संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए अपने घरों में कम से कम 72 घंटे यानी तीन दिन की जरूरतों का सामान रखने की सलाह दी है। इस तैयारी में पीने का पानी, लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाला भोजन, जरूरी दवाएं, टॉर्च, बैटरियां और संचार के वैकल्पिक साधन शामिल हैं। सरकार की ‘बी रेडी’ (Be Ready) मुहिम का उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों में लोगों को तैयार रखना है, जब बिजली, पानी, इंटरनेट या रोजमर्रा की जरूरी सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित हो जाएं।
सरकार की इस पहल के पीछे केवल प्राकृतिक आपदाओं का खतरा नहीं, बल्कि बढ़ती साइबर सुरक्षा चुनौतियां और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों की आशंका भी है। हालांकि, इस सलाह को ब्रिटेन में युद्ध की निश्चित आशंका या किसी आसन्न हमले की चेतावनी के रूप में देखना उचित नहीं होगा। यह विभिन्न प्रकार की आपात स्थितियों के लिए नागरिकों की तैयारी मजबूत करने की व्यापक पहल है।
आखिर क्यों जरूरी समझी जा रही है 72 घंटे की तैयारी?
आधुनिक जीवन में बिजली, पानी, इंटरनेट, बैंकिंग और परिवहन जैसी सेवाओं पर लोगों की निर्भरता लगातार बढ़ी है। ऐसे में किसी बड़ी तकनीकी खराबी, साइबर हमले, बाढ़ या गंभीर मौसम की घटना से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
यदि बिजली की आपूर्ति बंद हो जाए, तो मोबाइल फोन चार्ज करना, घर में खाना तैयार करना और कई जरूरी उपकरणों का इस्तेमाल मुश्किल हो सकता है। इसी तरह, पानी की सप्लाई बाधित होने या दुकानों की डिजिटल भुगतान व्यवस्था ठप पड़ने पर लोगों को दैनिक जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो सकती है।
आपात स्थिति में राहत एवं बचाव एजेंसियों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने में भी समय लग सकता है। ऐसे में घर पर सीमित अवधि के लिए जरूरी सामान उपलब्ध होने से परिवारों को शुरुआती संकट का सामना करने में मदद मिल सकती है।
साइबर हमले से लेकर प्राकृतिक आपदाओं तक, कई तरह के खतरे
ब्रिटेन की इस तैयारी में साइबर हमलों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। आज बैंकिंग, खुदरा कारोबार, संचार और आपूर्ति व्यवस्था काफी हद तक डिजिटल प्रणालियों पर निर्भर हैं। किसी बड़े साइबर हमले या तकनीकी व्यवधान की स्थिति में इन सेवाओं का संचालन प्रभावित हो सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि दुकानों में कार्ड से भुगतान करने की व्यवस्था काम करना बंद कर दे या एटीएम सेवाएं बाधित हो जाएं, तो लोगों को नकदी और जरूरी सामान हासिल करने में दिक्कत आ सकती है। इसी तरह, आपूर्ति शृंखला में रुकावट आने पर दुकानों तक खाद्य पदार्थ और दूसरी आवश्यक वस्तुएं पहुंचने में देरी हो सकती है।
इसके अलावा, बाढ़, तेज तूफान, जंगलों में आग और अन्य गंभीर मौसमी घटनाएं भी आपात परिस्थितियां पैदा कर सकती हैं। इन घटनाओं के कारण स्थानीय स्तर पर परिवहन, बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
इसलिए सरकार की तैयारी का उद्देश्य केवल किसी एक खतरे से निपटना नहीं, बल्कि अलग-अलग परिस्थितियों में नागरिकों और आवश्यक सेवाओं की क्षमता को मजबूत करना है।
घर में कौन-कौन सी चीजें रखने की सलाह?
ब्रिटिश सरकार की बताई गई तैयारी संबंधी सूची के अनुसार, लोगों को अपनी पारिवारिक जरूरतों के हिसाब से आवश्यक सामान धीरे-धीरे इकट्ठा करना चाहिए।
1. पीने का पानी: प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रतिदिन लगभग तीन लीटर पीने का पानी रखने की सलाह दी गई है। इस हिसाब से तीन दिनों के लिए नौ लीटर पानी प्रति व्यक्ति की जरूरत होगी। खाना बनाने और साफ-सफाई के लिए अतिरिक्त पानी की आवश्यकता पड़ सकती है।
2. लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाला भोजन: डिब्बाबंद सब्जियां, मांस या मछली, सूखे मेवे और अन्य ऐसे खाद्य पदार्थ रखे जा सकते हैं जिन्हें सुरक्षित तरीके से लंबे समय तक संग्रहित किया जा सके।
3. रोशनी और गर्म कपड़े: टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियां, कंबल, गर्म कपड़े और जरूरत के अनुसार स्लीपिंग बैग उपयोगी हो सकते हैं।
4. संचार के साधन: बैटरी से चलने वाला या हाथ से संचालित रेडियो, मोबाइल चार्ज करने के लिए पावर बैंक और जरूरी संपर्क नंबरों की लिखित सूची रखी जा सकती है।
5. नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज: डिजिटल भुगतान या बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान की स्थिति को ध्यान में रखते हुए थोड़ी नकदी रखना उपयोगी हो सकता है। पहचान पत्र, पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षित प्रतियां भी रखी जा सकती हैं।
6. स्वास्थ्य और प्राथमिक उपचार: प्राथमिक उपचार किट और नियमित रूप से इस्तेमाल की जाने वाली जरूरी दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए।
7. साफ-सफाई का सामान: हैंड सैनिटाइजर, गीले वाइप्स और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी आवश्यक वस्तुएं भी तैयारी का हिस्सा हो सकती हैं।
8. बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों की जरूरतें: छोटे बच्चों के लिए दूध, डायपर और अन्य आवश्यक वस्तुओं के साथ पालतू जानवरों के















