केरल में 10 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) अब नई सरकार के गठन की तैयारी में जुट गई है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी कायम है—राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
तिरुवनंतपुरम में गुरुवार को हुई कांग्रेस विधायकों और गठबंधन सहयोगियों की अहम बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से भेजे गए केंद्रीय पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन ने विधायकों से अलग-अलग मुलाकात कर उनकी राय जानी। अब अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना है।
वेणुगोपाल को सबसे ज्यादा समर्थन?
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस विधायक दल की बैठक में AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल को सबसे अधिक समर्थन मिलता दिखाई दिया है। बताया जा रहा है कि टिकट वितरण से लेकर चुनावी रणनीति तक वेणुगोपाल की बड़ी भूमिका रही, जिसके चलते विधायकों का एक बड़ा वर्ग उनके पक्ष में नजर आ रहा है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर हाईकमान “संगठन और सरकार” के बीच संतुलन बनाना चाहता है, तो वेणुगोपाल का नाम सबसे मजबूत दावेदार बन सकता है।
सतीशन और चेन्निथला भी मजबूत दावेदार
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सिर्फ वेणुगोपाल ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. सतीशन भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार—
रमेश चेन्निथला को वरिष्ठ नेताओं का समर्थन हासिल है
वी.डी. सतीशन को युवा विधायकों और IUML जैसे सहयोगी दलों का समर्थन मिल रहा है
हालांकि मीडिया में चल रही इस खबर को सतीशन ने खारिज कर दिया कि उन्होंने मुख्यमंत्री न बनने पर मंत्री पद लेने से इनकार किया है। उन्होंने इसे “भ्रामक और बेबुनियाद” बताया।
IUML ने सतीशन के पक्ष में दिया संकेत
UDF के अहम सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने अप्रत्यक्ष रूप से वी.डी. सतीशन के समर्थन के संकेत दिए हैं। IUML नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि पार्टी अपनी राय पर्यवेक्षकों तक पहुंचा चुकी है और अब फैसला कांग्रेस नेतृत्व को लेना है।
इससे साफ है कि गठबंधन के भीतर भी मुख्यमंत्री चयन को लेकर अलग-अलग लॉबिंग चल रही है।
‘CM विधायक ही होना चाहिए’ — पीजे जोसेफ
इस बीच UDF सहयोगी केरल कांग्रेस (जोसेफ गुट) के नेता पीजे जोसेफ का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो मौजूदा विधायक हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान वेणुगोपाल के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे फिलहाल विधायक नहीं हैं। जोसेफ ने यह भी कहा कि जनता की भावना और उपचुनाव की स्थिति से बचने को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
खरगे को मिला अंतिम फैसला लेने का अधिकार
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस विधायक दल (CLP) ने एक प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार दे दिया है।
इसके बाद पर्यवेक्षकों ने सभी विधायकों से व्यक्तिगत बातचीत कर उनकी राय दर्ज की। अब रिपोर्ट दिल्ली भेज दी गई है और माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में हाईकमान अंतिम फैसला ले सकता है।
केरल की राजनीति में फिर बढ़ी हलचल
UDF की बंपर जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है, लेकिन मुख्यमंत्री चयन को लेकर पार्टी के भीतर रणनीतिक संतुलन बनाना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
अब पूरा केरल इसी सवाल पर नजर टिकाए बैठा है—
क्या कांग्रेस संगठन के भरोसेमंद चेहरे KC Venugopal पर दांव लगाएगी,
या फिर राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय किसी विधायक को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा?














