लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की अचानक हुई मौत ने पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति और यादव परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बुधवार तड़के तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह ‘मेसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएंबोलिज्म’ यानी फेफड़ों में खून का बड़ा थक्का बनने से हुई कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर बताई गई है। हालांकि, शरीर पर मिले चोटों के निशानों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
देर रात बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत
परिवार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 11:30 बजे प्रतीक यादव की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें लंबे समय से फेफड़ों से जुड़ी बीमारी और ब्लड क्लॉटिंग की समस्या थी। हालात बिगड़ने पर ड्राइवर और घरेलू स्टाफ की मदद से उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया।
सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडेय के अनुसार, पहले ड्राइवर अस्पताल पहुंचा और इमरजेंसी मदद मांगी। इसके बाद मेडिकल टीम को प्रतीक यादव के घर भेजा गया, लेकिन तब तक स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी। सुबह करीब 5:55 बजे उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां जांच के दौरान शरीर में कोई लाइफ साइन नहीं मिला। ईसीजी में भी कोई गतिविधि दर्ज नहीं हुई और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मेदांता में चल रहा था इलाज, पैर की हुई थी सर्जरी
परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि प्रतीक यादव का लंबे समय से मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था। उन्हें 30 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां तीन दिनों तक उनका इलाज चला और इसी दौरान उनके बाएं पैर की सर्जरी भी हुई थी।
बताया जा रहा है कि डॉक्टर रचिता शर्मा की निगरानी में उनका फेफड़ों में ब्लड क्लॉट यानी पल्मोनरी एम्बोलिज्म का इलाज चल रहा था। हालांकि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भी उनके पैर में सूजन बनी हुई थी और उन्होंने घर से बाहर निकलना लगभग बंद कर दिया था।
मेदांता अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि प्रतीिक यादव कई बार 24-24 घंटे के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे और उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
प्रतीक यादव की मौत के बाद परिवार की मांग पर KGMU में पोस्टमार्टम कराया गया। दो डॉक्टरों और सीएमओ द्वारा नियुक्त चार सदस्यीय मेडिकल टीम ने करीब दो घंटे तक पोस्टमार्टम किया।
शाम तक सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत ‘कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स’ से हुई, जिसकी मुख्य वजह Massive Pulmonary Thromboembolism बताई गई। इसका मतलब है कि फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बड़े स्तर पर खून के थक्के जमा हो गए थे, जिससे अचानक हृदय और श्वसन तंत्र फेल हो गया।
हालांकि रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चर्चा शरीर पर मिले छह चोटों के निशानों को लेकर हो रही है। छाती, हाथ और कलाई पर चोटों के निशान पाए गए हैं और कई जगहों पर ‘इकाइमोसिस’ यानी त्वचा के नीचे खून जमने के संकेत भी दर्ज किए गए हैं।
डॉक्टरों ने स्पष्ट लिखा है कि ये सभी चोटें ‘एंटेमॉर्टम’ थीं, यानी मौत से पहले लगी थीं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुछ चोटें 7 से 10 दिन पुरानी थीं, जबकि कुछ करीब एक दिन पहले की थीं।

फॉरेंसिक जांच से खुलेंगे कई राज?
पोस्टमार्टम टीम ने हृदय और फेफड़ों से निकले थ्रोम्बोएम्बोलिक मैटेरियल को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए सुरक्षित रखा है। इसके अलावा विसरा को केमिकल एनालिसिस के लिए भी संरक्षित किया गया है। यानी डॉक्टर अभी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं और आगे आने वाली फॉरेंसिक रिपोर्ट इस मामले में बेहद अहम साबित हो सकती है।
इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Ajay Rai ने प्रतीक यादव की मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
अखिलेश यादव के बयान ने खींचा ध्यान
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे Akhilesh Yadav ने भावुक बयान देते हुए कहा, “मैंने उसे बचपन से देखा है। वह हमेशा अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य को लेकर सजग रहता था। वह मेहनती और आगे बढ़ने वाला लड़का था। कारोबार में होने वाले नुकसान इंसान को भीतर से तोड़ देते हैं।”
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि परिवार जो चाहेगा और जो कानूनी प्रक्रिया होगी, उसी के अनुसार आगे कार्रवाई होगी।
अपर्णा असम में थीं, सीधे घर पहुंचीं
जब प्रतीक यादव की मौत हुई, उस समय उनकी पत्नी अपर्णा यादव असम दौरे पर थीं। सूचना मिलने के बाद वह तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हुईं। पहले संभावना थी कि वह सीधे पोस्टमार्टम हाउस जाएंगी, लेकिन फ्लाइट लेट होने के कारण वह सीधे घर पहुंचीं।

दोपहर तक प्रतीक यादव का शव भी घर पहुंच गया, जिसके बाद पूरा मुलायम परिवार वहां इकट्ठा हो गया। सबसे पहले Shivpal Singh Yadav पहुंचे, फिर डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और अखिलेश यादव भी पहुंचे। बीजेपी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष और कई वरिष्ठ नेता भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
शाम करीब 4:55 बजे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी शोक व्यक्त करने पहुंचे।
आज होगा अंतिम संस्कार
परिवार के अनुसार, प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर 1:30 बजे लखनऊ में किया जाएगा। बताया जा रहा है कि उसी घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा, जहां उनकी मां साधना यादव का अंतिम संस्कार किया गया था।
फिलहाल पूरे यादव परिवार और राजनीतिक जगत में शोक का माहौल है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है।














