गाजीपुर। नोनहरा थाना क्षेत्र के चक कमरौरा गांव में बुधवार शाम जमीन की पैमाइश कराने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम का ग्रामीणों से विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने एसआई रामानंद सिंह और उनके सहयोगियों के साथ धक्का-मुक्की की। घटना में एक पुलिसकर्मी के सिर में चोट लगने की बात सामने आई है।
विवाद के बाद पुलिस बल को देखकर कुछ ग्रामीण मौके से भागने लगे। इसी दौरान राम बाबू उर्फ विक्की कुमार (25) पुलिस से बचने के लिए समंनपुर घाट के पास नदी में कूद गया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है। गुरुवार सुबह पुलिस ने गोताखोरों और पीएसी की मदद से नदी में युवक की तलाश शुरू कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने युवक को बचाने का प्रयास नहीं किया। हालांकि पुलिस ने इस आरोप की पुष्टि नहीं की है।
एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर के अनुसार, पैमाइश के दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस और राजस्व टीम पर हमला किया था। पुलिस को आशंका है कि नदी में कूदने के बाद युवक तैरकर दूसरी तरफ निकल गया हो, फिर भी उसकी तलाश जारी है। मामले में 20 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
डीएम अनुपम शुक्ला ने बताया कि छह अगस्त को जनता दर्शन में प्रमिला देवी ने जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। शिकायत के बाद राजस्व टीम ने पैमाइश कर कब्जा हटवाया और मौके पर खूंटा गाड़ दिया था। आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने बाद में खूंटा उखाड़ दिया।
इसके बाद सात अक्टूबर को राजस्व टीम दोबारा मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान विपक्षी पक्ष के लोगों ने पुलिस और राजस्व टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में एक सब इंस्पेक्टर गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
डीएम ने कहा कि दोनों घटनाओं में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट और जिला बदर की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर गैंगस्टर और एनएसए के तहत भी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व और पुलिस टीम पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।















