गाजीपुर। जनपद की सहकारी समितियों के सचिवों की 22 अक्टूबर से जारी क्रमिक हड़ताल के कारण बी-पैक्स समितियों पर उर्वरक बिक्री प्रभावित हो रही है। किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उर्वरक वितरण में बाधा डालने और कृत्रिम संकट पैदा करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने समितियों पर खाद वितरण सुचारु रखने के लिए स्थानीय लेखपालों की ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सहकारिता विभाग की अन्य संस्थाओं के माध्यम से भी उर्वरक बिक्री की व्यवस्था की गई है। जिले के 65 इफको केंद्रों पर 650 मीट्रिक टन डीएपी और 325 मीट्रिक टन एनपीएस आवंटित कर भेजा जा रहा है। वहीं, 43 अन्य सहकारी उर्वरक बिक्री केंद्रों के लिए 1094 मीट्रिक टन डीएपी और 525 मीट्रिक टन एनपीएस आवंटित किया गया है।
जिलाधिकारी कार्यालय के 22 अक्टूबर के आदेश के अनुसार सभी बी-पैक्स सचिवों को उर्वरक बिक्री और विभागीय कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है। आदेश का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक और विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पांच कर्मचारियों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई के लिए संस्तुति भेजी गई है, जबकि एक कर्मचारी के विरुद्ध एस्मा की धारा चार के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अलावा 44 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता ने बताया कि 28 अक्टूबर तक 26 समितियों के सचिव या प्रभारी हड़ताल से वापस आकर काम शुरू कर चुके हैं। इनमें से 22 समितियों पर 27 और 28 अक्टूबर को पीओएस मशीन के माध्यम से 68 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया गया।
प्रशासन के अनुसार जिले के बफर गोदाम में 8763 मीट्रिक टन यूरिया, 4341 मीट्रिक टन डीएपी और 1724 मीट्रिक टन एनपीएस उपलब्ध है।















