गाजीपुर। सीएमओ कार्यालय परिसर में बुधवार शाम करीब चार बजे करंट की चपेट में आने से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामप्रवेश (50) की मौत हो गई। हादसा मलेरिया विभाग के पीछे समर्सिबल के पास हुआ। कर्मचारियों ने उन्हें गेट पकड़े हुए देखा। उनके दाएं हाथ की उंगलियां बुरी तरह झुलसी थीं और हाथ में बिजली का तार था।
सूचना पर बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। इसके बाद कर्मचारी रामप्रवेश को मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर जांच की तो समर्सिबल के तार में गड़बड़ी मिली। पास के लोहे के बिजली के खंभे में भी टेस्टर से करंट की पुष्टि हुई। हालांकि, करंट उतरने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
रामप्रवेश मरदह क्षेत्र के कंशहरी भवानीपुर गांव के निवासी थे। हादसे की सूचना पर उनकी पत्नी शांति देवी (45) और बेटा अनिल अस्पताल पहुंचे। पिता का शव देखते ही अनिल लिपटकर रोने लगा, जबकि पत्नी विलाप करते हुए जमीन पर गिर पड़ीं। बाद में शव मोर्चरी में रखवा दिया गया।रामप्रवेश के चार बेटे संजय, दीपक, सुनील और अनिल हैं। चारों पढ़ाई कर रहे हैं। सबसे छोटे बेटे अनिल की शादी नहीं हुई है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। हादसे ने कार्यालय परिसर में बिजली उपकरणों और वायरिंग की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।















