कोलकाता, पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान ‘सन एंटरप्राइज’ के प्रबंध निदेशक जॉय कामदार को हिरासत में लिया गया, जबकि कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
तीन ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, ईडी की टीम ने कुल तीन स्थानों पर छापेमारी की:
दो ठिकाने डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े
एक ठिकाना कारोबारी जॉय कामदार का
हिरासत में लिए गए कामदार को पूछताछ के लिए सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी कार्यालय ले जाया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ जारी है।
PMLA के तहत जांच
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है।
मामला कथित तौर पर “सोना पप्पू और जॉय कामदार” से जुड़े वित्तीय लेनदेन और धन शोधन की जांच से जुड़ा है।
कामदार के वकील सुब्रत सरकार ने दावा किया है कि:
“उन्हें गिरफ्तारी के स्पष्ट कारण नहीं बताए गए हैं, केवल वित्तीय मामले से जुड़ा नोटिस दिया गया था।”
VIDEO | West Bengal: Enforcement Directorate conducts searches at the residences of Kolkata Police Deputy Commissioner Shantanu Sinha Biswas and Sun Enterprise Managing Director Joy Kamdar.
The raids are being conducted under Prevention of Money Laundering Act (PMLA) in Sona… pic.twitter.com/K1qFjGnAJ3
— Press Trust of India (@PTI_News) April 19, 2026
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के मुताबिक, यह केस पश्चिम बंगाल में चल रही एक बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है, जिसमें कथित तौर पर अवैध धन के लेनदेन और नेटवर्क की जांच की जा रही है।
इस मामले में कुछ राजनीतिक कनेक्शन की चर्चाएं भी सामने आई हैं, हालांकि अब तक किसी बड़े राजनीतिक चेहरे को आधिकारिक रूप से आरोपी नहीं बनाया गया है।
चुनाव से पहले सियासी मायने
इस कार्रवाई को राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि:
इस तरह की जांच से चुनावी माहौल पर असर पड़ सकता है
विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो सकते हैं
कोलकाता में ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग जांच को नई दिशा देती नजर आ रही है।
फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है, जो राज्य की राजनीति और चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।














