नई दिल्ली: देवभूमि उत्तराखंड में प्रस्तावित भव्य धार्मिक आयोजनों—‘विजय यात्रा 2026’ और Adi Shankaracharya की 2533वीं जयंती महोत्सव—को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में श्री जगद्गुरु शंकराचार्य बदरी ज्योतिर्मठ सेवा समिति (पंजीकृत) के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami से भेंट कर उन्हें इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह आयोजन पूज्य स्वामी श्री गोविंदानंद सरस्वती जी महाराज के सानिध्य में संपन्न होगा, जिसमें धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
प्रमुख तीर्थस्थलों पर होंगे आयोजन
यह भव्य धार्मिक आयोजन उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों—Kedarnath Temple, Badrinath Temple और Jyotirmath—में आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम चारधाम यात्रा के द्वार उद्घाटन के साथ जुड़ा होगा, जिससे इसकी आध्यात्मिक महत्ता और बढ़ जाती है।
इस दौरान पंचधातु उत्सव मूर्ति की प्रतिष्ठा, विशेष पूजा-अर्चना, और विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही Narasimha Jayanti के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम भी रखे गए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा निमंत्रण
समिति के प्रतिनिधिमंडल में श्री आदित्य मिश्रा, पंडित भवानी शंकर और श्री सोनू गुप्ता शामिल थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री धामी को इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया।
विस्तृत कार्यक्रम शेड्यूल
समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार आयोजन की रूपरेखा इस प्रकार है:
21–22 अप्रैल 2026: केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की 2533वीं जयंती समारोह
23–24 अप्रैल 2026: बद्रीनाथ और भविष्य बदरी में धार्मिक कार्यक्रम
24–25 अप्रैल 2026: ज्योतिर्मठ में विशेष आयोजन
26–30 अप्रैल 2026: ज्योतिर्मठ में नरसिंह जयंती एवं विशेष पूजन
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
समिति के अनुसार, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को सशक्त करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। चारधाम से जुड़े इन पवित्र स्थलों पर आयोजित कार्यक्रम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगे।














