कतर की मध्यस्थता से होर्मुज स्ट्रेट खोलने की उम्मीद, खाड़ी में नए संघर्ष की आशंका के बीच UAE ने कूटनीति को बताया सबसे जरूरी रास्ता
अबू धाबी/मनामा: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और एक नए सैन्य संघर्ष की आशंका के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अमेरिका और ईरान से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। UAE का कहना है कि पूरा क्षेत्र पहले ही संघर्ष के गंभीर परिणाम झेल चुका है और अब एक और युद्ध किसी के हित में नहीं होगा।
UAE का साफ संदेश—युद्ध नहीं, बातचीत से निकले समाधान
बहरीन की राजधानी मनामा में आयोजित सुरक्षा सम्मेलन में UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने कहा कि मौजूदा संकट को सैन्य कार्रवाई के बजाय राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों से सुलझाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुए संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को बदल दिया है। ऐसे में किसी नए युद्ध से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ेगी तथा संकट का समाधान और मुश्किल हो जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट पर कतर की मध्यस्थता, बातचीत से निकल सकता है रास्ता
तनाव के बीच दुनिया की नजर होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी हुई है। कतर की मध्यस्थता में इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खोलने को लेकर बातचीत जारी है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, ईरानी अधिकारी कतर में एक प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं, जिससे होर्मुज स्ट्रेट को जल्द खोला जा सके। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच अभी सीधे बातचीत नहीं हो रही है और किसी समझौते का भविष्य वाशिंगटन की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।
UAE पर 3,000 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइल हमलों का दावा
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) के अनुसार, अप्रैल में हुए सीजफायर से पहले UAE पर 3,000 से अधिक ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए गए।
इन हमलों के निशाने पर एयरपोर्ट, सैन्य ठिकाने और तेल से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं थीं। हालांकि, ज्यादातर हमलों को रोक लिया गया। इसके बाद खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया।
बहरीन भी रहा निशाने पर, सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं
युद्ध के दौरान बहरीन को भी गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ा। IISS के मुताबिक, बहरीन पर करीब 500 ड्रोन और लगभग 200 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है, जिससे यह देश रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। हमलों के दौरान नौसैनिक ठिकानों के साथ रिहायशी इलाकों और पानी से जुड़ी सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया।
खाड़ी देशों ने बढ़ाई सुरक्षा तैयारियां
लगातार बढ़ते तनाव ने खाड़ी देशों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर नए सिरे से ध्यान देने के लिए मजबूर किया है। संभावित हमलों से निपटने के लिए कई देशों ने रक्षा तैयारियों को मजबूत किया है।
गरगाश ने कहा कि संघर्ष के बाद अमेरिका और UAE के संबंध और मजबूत हुए हैं। वहीं, बहरीन ने भी क्षेत्र में तनाव कम करने और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का समर्थन किया है।
क्या बातचीत रोक पाएगी पश्चिम एशिया में एक और युद्ध?
UAE का संदेश स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया को इस समय एक और सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि स्थिरता और बातचीत की जरूरत है। अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद भले ही गहरे हों, लेकिन कूटनीति का रास्ता खुला रखना पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी माना जा रहा है।
अब दुनिया की नजर कतर की मध्यस्थता और अमेरिका-ईरान के अगले कदम पर टिकी है। यदि बातचीत सफल होती है तो पश्चिम एशिया को एक बड़े संकट से बचाया जा सकता है। लेकिन अगर कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं, तो खाड़ी क्षेत्र एक बार फिर गंभीर संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।















