वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव को गलती से भारत का राष्ट्रपति चुनाव बता दिया। इतना ही नहीं, ट्रंप ने इसी गलत उदाहरण के आधार पर अमेरिका की चुनाव व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। हालांकि, गलती सामने आने के बाद उन्होंने अपनी पोस्ट को एडिट कर भारत की जगह ब्राजील कर दिया।
12.5 करोड़ वोटरों का जिक्र, लेकिन देश गलत!
ट्रंप ने Truth Social पर एक पोस्ट में दावा किया कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में करीब 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया और मतदान खत्म होने के कुछ ही समय बाद परिणाम भी सामने आ गए।
ट्रंप ने अमेरिका की चुनाव प्रक्रिया से इसकी तुलना करते हुए कहा कि अमेरिका में अपेक्षाकृत कम मतदाताओं के बावजूद वोटों की गिनती में काफी समय लग जाता है। उन्होंने डेट्रॉयट, फिलाडेल्फिया और कैलिफोर्निया समेत कई जगहों का जिक्र करते हुए अमेरिकी वोटिंग सिस्टम को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
लेकिन यहां ट्रंप से एक बड़ी तथ्यात्मक गलती हो गई। 12.5 करोड़ लोगों के मतदान वाला चुनाव भारत का नहीं, बल्कि ब्राजील का था।
गलती का एहसास हुआ तो पोस्ट कर दी एडिट
ट्रंप की पोस्ट में भारत का जिक्र सामने आने के बाद इस पर सवाल उठने लगे। इसके बाद पोस्ट को संशोधित किया गया और ‘India’ की जगह ‘Brazil’ कर दिया गया।
यानी ट्रंप जिस चुनाव का उदाहरण देकर अमेरिका की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे थे, वह वास्तव में ब्राजील में 4 अक्टूबर को हुआ राष्ट्रपति चुनाव का पहला चरण था।
भारत में जनता सीधे राष्ट्रपति नहीं चुनती
ट्रंप की पोस्ट में एक और बड़ी तथ्यात्मक समस्या थी। भारत में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के वोट से नहीं होता।
भारत के राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल करता है, जिसमें संसद के निर्वाचित सदस्य और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। इसलिए भारत के राष्ट्रपति चुनाव के संदर्भ में करोड़ों लोगों के सीधे मतदान का दावा सही नहीं बैठता।
यही वजह है कि ट्रंप की पोस्ट में देश और चुनाव प्रणाली—दोनों को लेकर भ्रम दिखाई दिया।
असल में क्या हुआ था ब्राजील में?
दरअसल, 4 अक्टूबर 2026 को ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान हुआ था। इस चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और फ्लावियो बोल्सोनारो सबसे ज्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवार रहे।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, फ्लावियो बोल्सोनारो को 47.03 प्रतिशत, जबकि लूला को 45.16 प्रतिशत वैध वोट मिले। किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से अधिक वोट नहीं मिलने के कारण अब दोनों के बीच 25 अक्टूबर को दूसरे चरण का मुकाबला होगा।
ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव सिस्टम पर भी उठाए सवाल
ट्रंप ने ब्राजील के चुनाव की तेज मतगणना को अमेरिका की चुनाव प्रक्रिया से जोड़ते हुए दावा किया कि अमेरिका में वोटों की गिनती में जरूरत से ज्यादा समय लगता है।
उन्होंने अपने पोस्ट में अमेरिकी चुनाव व्यवस्था को ‘करप्ट’ तक बताया। हालांकि, भारत और ब्राजील के चुनावों का हवाला देते समय हुई शुरुआती गलती ने उनके इस दावे को लेकर भी चर्चा पैदा कर दी।
पहली बार नहीं जब ट्रंप से हुआ ऐसा ब्लंडर
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप किसी देश या स्थान का नाम गलत संदर्भ में लेने को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले भी उनके कुछ बयानों में देशों और स्थानों के नाम को लेकर भ्रम सामने आया है।
इसी वजह से ब्राजील के चुनाव को भारत के राष्ट्रपति चुनाव से जोड़ने वाली उनकी पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गई।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
ट्रंप की शुरुआती पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी गलती पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई लोगों ने खास तौर पर भारत की चुनाव प्रणाली का हवाला देते हुए पूछा कि आखिर भारत के राष्ट्रपति चुनाव में 12.5 करोड़ लोग सीधे मतदान कैसे कर सकते हैं।
बाद में पोस्ट एडिट कर ब्राजील का नाम किए जाने के बावजूद ट्रंप की शुरुआती गलती इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई।
कुल मिलाकर, ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के आंकड़ों को गलती से भारत के राष्ट्रपति चुनाव से जोड़ दिया। बाद में उन्होंने अपनी पोस्ट सुधार ली, लेकिन इस एक गलती ने भारत और ब्राजील की चुनाव प्रणालियों के बीच अंतर को लेकर नई बहस छेड़ दी।
खास बात यह है कि जिस चुनाव का ट्रंप अमेरिकी चुनाव व्यवस्था से तुलना करने के लिए उदाहरण दे रहे थे, वह भारत का नहीं बल्कि ब्राजील का चुनाव था।















