“थौबल और तेंगनौपाल में संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान INSAS, MP-5, SLR, हैंड ग्रेनेड और छह IED बरामद; सभी IED मौके पर ही निष्क्रिय किए गए, कई जिलों में सर्च ऑपरेशन जारी”
इंफाल: मणिपुर में शांति और कानून-व्यवस्था बहाल करने के उद्देश्य से सुरक्षा बलों और मणिपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे व्यापक तलाशी अभियानों में बड़ी सफलता हाथ लगी है। राज्य के थौबल और तेंगनौपाल जिलों में अलग-अलग स्थानों पर चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद, संचार उपकरण और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े नौ उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
थौबल में मिला हथियारों का बड़ा जखीरा
रविवार को थौबल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अरोंग नदी के समीप एकोक पाट इलाके में सुरक्षा बलों ने विशेष सूचना के आधार पर तलाशी अभियान चलाया। अभियान के दौरान जमीन में छिपाकर रखे गए हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
बरामद हथियारों में दो INSAS राइफल, एक MP-5 सब-मशीन गन, एक SLR राइफल, दो .303 राइफल, आठ मैगजीन, एक स्मोक बम तथा विभिन्न कैलिबर के 379 जिंदा कारतूस शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी साजिश में किया जा सकता था, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
भारत-म्यांमार सीमा पर मिला विस्फोटकों का जखीरा
एक अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने तेंगनौपाल जिले के मोरेह पुलिस स्टेशन क्षेत्र में भारत-म्यांमार सीमा के पास बॉर्डर पिलर संख्या 72 और 73 के बीच घने जंगलों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एक 9 एमएम पिस्तौल, एक डबल बैरल बंदूक, छह रेडियो संचार सेट, दो हैंड ग्रेनेड तथा छह इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किए गए।
सीमा क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक और संचार उपकरणों की बरामदगी से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इनका इस्तेमाल सीमा पार से संचालित उग्रवादी गतिविधियों में किया जाना था।
छह IED मौके पर ही किए गए निष्क्रिय
सुरक्षा बलों ने बताया कि बरामद किए गए सभी छह IED अत्यंत संवेदनशील स्थिति में थे। बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सभी विस्फोटकों को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते इन्हें बरामद नहीं किया जाता तो आम नागरिकों और सुरक्षा बलों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।
नौ उग्रवादी गिरफ्तार, कई जिलों में कार्रवाई
इससे पहले पिछले 24 घंटों के दौरान मणिपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े नौ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारियां थोउबल, तामेंगलोंग, काकचिंग, चंदेल, इंफाल वेस्ट और इंफाल ईस्ट जिलों में अलग-अलग स्थानों से की गईं।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। सुरक्षा एजेंसियां इनसे पूछताछ कर रही हैं ताकि इनके नेटवर्क, सहयोगियों और हथियारों की आपूर्ति करने वाले स्रोतों का पता लगाया जा सके।
जारी रहेगा सर्च ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य के संवेदनशील इलाकों में तलाशी और निगरानी अभियान लगातार जारी रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियारों और विस्फोटकों की फॉरेंसिक जांच करा रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये किस संगठन से जुड़े हैं और इन्हें कहां से लाया गया था।
अधिकारियों ने कहा कि राज्य में शांति बहाल करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी असामाजिक या उग्रवादी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीमा सुरक्षा पर भी बढ़ी निगरानी
भारत-म्यांमार सीमा से सटे क्षेत्रों में हाल के दिनों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सीमा के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं तथा आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से लगातार गश्त की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार से हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी रोकना राज्य में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए बेहद आवश्यक है।
राज्य में शांति बहाली की दिशा में अहम सफलता
लगातार चल रहे संयुक्त अभियानों से स्पष्ट है कि सुरक्षा बल उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने में जुटे हैं। बड़ी मात्रा में हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की बरामदगी तथा नौ उग्रवादियों की गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियां मणिपुर में शांति बहाली की दिशा में बड़ी सफलता मान रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो सके।














