नोएडा/ग्रेटर नोएडा, 27 जून: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का शनिवार को गौतमबुद्ध नगर का महत्वपूर्ण दौरा प्रस्तावित है। यह दौरा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की औद्योगिक नीति, निवेश, बुनियादी ढांचा विकास और एमएसएमई क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री इस दौरान यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र में दो बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, नोएडा प्राधिकरण के नए प्रशासनिक भवन का लोकार्पण करेंगे तथा 2478 करोड़ रुपये की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के चौथे संस्करण के कर्टन रेजर कार्यक्रम में भी भाग लेंगे।
जहां एक ओर प्रशासन मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा, यातायात और प्रोटोकॉल की तैयारियों में जुटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की मीडिया कवरेज से जुड़ी व्यवस्थाओं ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
मीडिया पास वितरण को लेकर पत्रकारों में असंतोष
स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि पूर्व में मुख्यमंत्री अथवा अन्य वीआईपी कार्यक्रमों के लिए मीडिया पास जिला सूचना विभाग के माध्यम से जारी किए जाते थे, जिससे प्रक्रिया अपेक्षाकृत स्पष्ट और व्यवस्थित रहती थी। इस बार पास वितरण की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण द्वारा अपने स्तर पर संभाले जाने के कारण कई पत्रकारों को देर रात सूचना देकर सेक्टर-96 स्थित कार्यालय से पास प्राप्त करने के लिए बुलाया गया।
पत्रकारों का कहना है कि यदि पास वितरण सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय अथवा किसी अधिक सुविधाजनक स्थान पर किया जाता तो बड़ी संख्या में मीडिया कर्मियों को अनावश्यक असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता।
केवल सुविधा का नहीं, बल्कि समान अवसर और पारदर्शिता का भी प्रश्न
मामला केवल पास लेने की दूरी या समय का नहीं है। पत्रकारों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी कार्यक्रमों की स्वतंत्र और व्यापक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए मीडिया तक समान पहुंच अत्यंत आवश्यक है।
पत्रकारों ने मांग उठाई है कि—
मान्यता प्राप्त एवं गैर-मान्यता प्राप्त दोनों श्रेणी के पत्रकारों को निष्पक्ष और समान आधार पर मीडिया पास उपलब्ध कराए जाएं।
किसी भी मीडिया संस्थान, डिजिटल प्लेटफॉर्म या स्वतंत्र पत्रकार के साथ भेदभाव न किया जाए।
मीडिया पास जारी करने के स्पष्ट मानक, समय-सीमा और प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए।
अंतिम समय में सूचना देने की बजाय पूर्व निर्धारित प्रणाली लागू की जाए, जिससे पत्रकार अपने कवरेज की उचित योजना बना सकें।
लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका केवल सूचना देना नहीं, बल्कि जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है
विशेषज्ञों का मानना है कि लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तंभों में मीडिया की भूमिका सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की होती है। सरकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और नीतिगत निर्णयों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का कार्य मीडिया ही करता है।
यदि मीडिया की पहुंच प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण सीमित होती है, तो इसका प्रभाव केवल पत्रकारों पर नहीं बल्कि जनता तक पहुंचने वाली सूचनाओं की व्यापकता और पारदर्शिता पर भी पड़ सकता है।
क्या मीडिया समन्वय की जिम्मेदारी संस्थागत रूप से तय होनी चाहिए?
गौतमबुद्ध नगर के पत्रकारों ने सुझाव दिया है कि जिले में गठित नोएडा मीडिया क्लब को भविष्य में मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मंत्रियों तथा अन्य वीआईपी कार्यक्रमों के लिए मीडिया समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
उनका तर्क है कि यदि मीडिया क्लब के माध्यम से—
पास वितरण,
पत्रकारों का पंजीकरण,
कार्यक्रम संबंधी सूचना,
कवरेज समन्वय,
प्रवेश व्यवस्था
को व्यवस्थित किया जाए तो पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुविधाजनक बन सकती है।
प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता
लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में प्रशासन और मीडिया प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित के साझेदार माने जाते हैं। ऐसे में अपेक्षा की जाती है कि महत्वपूर्ण सरकारी आयोजनों में मीडिया को सहयोगी दृष्टि से देखा जाए और ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिसमें सभी पात्र पत्रकारों को समान अवसर, समय पर सूचना और सुगम प्रवेश मिल सके।
यदि मीडिया पास वितरण की प्रक्रिया स्पष्ट, पारदर्शी और संस्थागत होगी तो इससे न केवल पत्रकारों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि सरकारी कार्यक्रमों की विश्वसनीय और व्यापक कवरेज भी सुनिश्चित होगी। यह व्यवस्था अंततः प्रशासन, मीडिया और आम जनता—तीनों के हित में होगी।














