ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक और तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल ग्रेटर नोएडा में आवारा कुत्तों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब यह मामला केवल हाईराइज सोसाइटी के अंदर की बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर तक पहुंच गया है।
ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र स्थित Mahagun Mywoods सोसाइटी के नाराज निवासियों ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।
नारेबाजी और हंगामे से गूंजा प्राधिकरण कार्यालय
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे सोसाइटीवासियों ने नारेबाजी करते हुए प्राधिकरण के खिलाफ जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लंबे समय से आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन प्रशासन और प्राधिकरण इस मुद्दे पर कोई ठोस समाधान नहीं निकाल पा रहे हैं।
निवासियों ने आरोप लगाया कि सोसाइटी परिसर में डॉग फीडिंग को लेकर आए दिन विवाद, झगड़े और तनाव की स्थिति बन रही है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है।
अधिकारियों पर अभद्रता का आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं, तो कुछ अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस बात को लेकर प्रदर्शनकारियों में और अधिक नाराजगी देखने को मिली।
सोसाइटीवासियों का कहना है कि वे पशुओं के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन डॉग फीडिंग के लिए स्पष्ट और सुरक्षित व्यवस्था जरूरी है ताकि सोसाइटी में रहने वाले लोगों और पशु प्रेमियों के बीच लगातार बढ़ रहे विवाद को रोका जा सके।
अलग डॉग फीडिंग प्वाइंट की मांग
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि प्राधिकरण सोसाइटी परिसर या उसके आसपास एक निर्धारित और अलग डॉग फीडिंग प्वाइंट बनाए।
निवासियों का कहना है कि यदि फीडिंग के लिए तय स्थान होगा, तो आवारा कुत्तों की भीड़ रिहायशी टावरों और बच्चों के खेलने वाले क्षेत्रों में कम होगी और विवादों पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
हाईराइज सोसाइटियों में बढ़ते जा रहे विवाद
ग्रेटर नोएडा और नोएडा की कई हाईराइज सोसाइटियों में पिछले कुछ वर्षों में डॉग फीडिंग को लेकर विवाद लगातार बढ़े हैं। एक ओर पशु प्रेमी आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को मानवीय जिम्मेदारी बताते हैं, वहीं दूसरी ओर कई निवासी सुरक्षा और स्वच्छता का मुद्दा उठाते हैं।
कई मामलों में यह विवाद मारपीट, पुलिस शिकायत और कानूनी बहस तक पहुंच चुका है।
प्राधिकरण पर बढ़ा समाधान का दबाव
महागुन माईवुड्स सोसाइटी का मामला सामने आने के बाद अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आधुनिक शहरों में इंसानों और जानवरों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए स्पष्ट नीति और व्यवस्थित प्रबंधन बेहद जरूरी है। अब देखना होगा कि प्राधिकरण इस विवाद को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है।














