गाज़ीपुर – भांवरकोल विकासखंड की ग्राम पंचायत मुड़ेरा बुजुर्ग में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने ग्राम प्रधान नौशाद के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। साथ ही ग्राम पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम निवासी दुर्गेश राय ने दो मार्च 2024 को शपथ पत्र के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में विकास कार्यों में फर्जी भुगतान, अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। डीएम के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी अनंत प्रताप सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच के दौरान स्ट्रीट लाइट, कुओं के जीर्णोद्धार, मनरेगा कार्य, नाली और सीसी रोड निर्माण समेत विभिन्न विकास कार्यों की जांच की गई।
प्रारंभिक जांच में कई मामलों में एमबी (मेजरमेंट बुक) और भुगतान में अंतर पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार 29 स्ट्रीट लाइट के भुगतान के बावजूद एमबी में 50 स्ट्रीट लाइट दर्ज मिलीं। वहीं एक अन्य कार्य में भुगतान कम और एमबी में 25 अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट दर्शाई गईं। मामले में आगे की जांच जारी है। जिला पंचायत राज अधिकारी रमेशचंद्र उपाध्याय ने कार्रवाई की पुष्टि की है।














