असम की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) एक बार फिर पूरे दमखम के साथ सत्ता में लौट आया है। विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद रविवार को हुई NDA विधायक दल की बैठक में हिमंत बिस्वा सरमा को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके साथ ही उनका लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो गया है।
अब 12 मई को गुवाहाटी के खानापड़ा प्लेग्राउंड में एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री Narendra Modi समेत NDA के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे।
जेपी नड्डा ने किया नाम का ऐलान
गुवाहाटी में आयोजित NDA विधायक दल की बैठक के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री Jagat Prakash Nadda ने औपचारिक रूप से हिमंत बिस्वा सरमा के नाम की घोषणा की।
बैठक में NDA के सभी नव-निर्वाचित विधायक और सहयोगी दलों के नेता मौजूद रहे। भाजपा ने विधायक दल का नेता चुनने के लिए जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया था।
औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा को सर्वसम्मति से NDA विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
AGP और BPF ने भी दिया समर्थन
NDA की सहयोगी पार्टियों — असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) — ने भी हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व पर भरोसा जताया।
जेपी नड्डा ने बताया कि सभी सहयोगी दलों ने बिना किसी विरोध के सरमा के नाम का समर्थन किया, जिसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया।
इसके बाद हिमंत बिस्वा सरमा और NDA के अन्य नेता लोक भवन पहुंचे और राज्यपाल Lakshman Prasad Acharya से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किया।
12 मई को होगा शक्ति प्रदर्शन
हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि 12 मई को सुबह 11 बजे NDA मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
यह समारोह गुवाहाटी के खानापड़ा प्लेग्राउंड में होगा, जहां हजारों समर्थकों और कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस ऐतिहासिक मौके पर मौजूद रहेंगे।
सरमा ने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में NDA मंत्रिपरिषद शपथ लेगी। असम की जनता ने हम पर भरोसा जताया है और हम अगले पांच वर्षों में राज्य को देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।”
इस्तीफे के बाद भी संभाली जिम्मेदारी
हिमंत बिस्वा सरमा ने 6 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि नई सरकार के गठन तक वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे।
अब विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद उनके नेतृत्व में नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
‘विकास होगा सबसे बड़ी प्राथमिकता’
हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ कहा कि नई सरकार अगले पांच वर्षों में विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और समर्थन के कारण ही NDA को लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का अवसर मिला है।
सरमा ने कहा,
“असम की जनता ने NDA पर भरोसा जताया है और हम उस भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरने की कोशिश करेंगे। विकास, निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताएं होंगी।”
NDA की ऐतिहासिक जीत
असम विधानसभा चुनाव में NDA ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
चुनाव परिणाम:
BJP – 82 सीट
AGP – 10 सीट
BPF – 10 सीट
कुल NDA सीटें – 102
वहीं विपक्षी दलों को कुल 75 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
इन नतीजों ने साफ कर दिया कि असम में भाजपा और NDA की पकड़ पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुकी है।
हिमंत मॉडल पर जनता की मुहर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हिमंत बिस्वा सरमा की आक्रामक राजनीति, तेज प्रशासनिक फैसले और विकास आधारित प्रचार अभियान ने NDA की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। पिछले कार्यकाल में इंफ्रास्ट्रक्चर, कानून व्यवस्था, निवेश और कनेक्टिविटी पर सरकार के फोकस को जनता ने समर्थन दिया।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि दूसरी पारी में हिमंत बिस्वा सरमा असम को किस नई दिशा में ले जाते हैं और क्या वह राज्य को पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनाने के अपने विजन को जमीन पर उतार पाएंगे।














