लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द हो सकता है और इसकी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम करीब 6 बजे आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
माना जा रहा है कि इस मुलाकात में मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित फेरबदल को लेकर अंतिम रणनीति पर चर्चा हुई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही आधिकारिक ऐलान कर सकती है।
आधा दर्जन नए चेहरों को मिल सकता है मौका
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार में करीब छह नए नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है। सरकार मौजूदा कैबिनेट में खाली पड़े पदों को भरने के साथ-साथ कुछ नए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की तैयारी में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार सिर्फ प्रशासनिक जरूरत नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की बड़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
कुछ मंत्रियों के विभाग बदलने की तैयारी
जानकारी के अनुसार, कैबिनेट विस्तार के साथ कुछ मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जा सकता है। सरकार संगठन और प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए कुछ बड़े बदलाव करने की तैयारी में है।
सूत्र बताते हैं कि कई मंत्रियों के प्रदर्शन और क्षेत्रीय प्रभाव को ध्यान में रखते हुए विभागों की नई जिम्मेदारियां तय की जा सकती हैं।
कुछ मंत्री संगठन में भेजे जा सकते हैं
सियासी गलियारों में चर्चा है कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी दी जा सकती हैं।
बीजेपी नेतृत्व 2027 चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में अनुभवी नेताओं को सरकार से संगठन में भेजने का फैसला भी लिया जा सकता है।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस
माना जा रहा है कि इस विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को खास महत्व दिया जाएगा। बीजेपी की कोशिश है कि अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर चुनावी आधार को और मजबूत किया जाए।
विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग, दलित, ब्राह्मण और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों का चयन किया जा सकता है।
किन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा?
सूत्रों के अनुसार, Bhupendra Singh Chaudhary की सरकार में वापसी की चर्चा तेज है। इसके अलावा Manoj Pandey और Pooja Pal जैसे नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में बताए जा रहे हैं।
हालांकि अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इन चेहरों को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हैं।
बड़ा नहीं, लेकिन रणनीतिक होगा विस्तार
सूत्रों का कहना है कि यह कैबिनेट विस्तार बहुत बड़ा नहीं होगा, बल्कि रणनीतिक और चयनात्मक होगा। शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन छोटे और संतुलित फेरबदल के जरिए सरकार राजनीतिक संदेश देने की कोशिश करेगी।
विश्लेषकों के मुताबिक, यह विस्तार साफ संकेत देगा कि बीजेपी अब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी तरह जुट चुकी है और संगठन व सरकार दोनों स्तरों पर नए समीकरण बनाने की कोशिश कर रही है।














