कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति शनिवार को एक ऐतिहासिक मोड़ लेने जा रही है। 25 बैशाख, यानी विश्वकवि Rabindranath Tagore की 165वीं जयंती के अवसर पर कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में ऐसा राजनीतिक आयोजन होने जा रहा है, जिसकी चर्चा पूरे देश में है। भाजपा विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी पश्चिम Bengal के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। इसे बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन से कहीं अधिक, एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
सुबह 11 बजे होने वाले इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक तथा लाखों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने के कारण पार्टी इस आयोजन को “राष्ट्रीय महत्व” के कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड क्यों बना खास?
कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड बंगाल की राजनीति का प्रतीकात्मक केंद्र माना जाता है। दशकों से यहां बड़े राजनीतिक दल अपनी शक्ति प्रदर्शन रैलियां करते रहे हैं। लेकिन पहली बार यहां किसी मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है। भाजपा इसे “जनादेश के उत्सव” के रूप में पेश कर रही है।
विशेष बात यह भी है कि कार्यक्रम की थीम में बंगाली संस्कृति और परंपरा को प्रमुखता दी जाएगी। मंच सजावट से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक में बंगाल की कला, साहित्य और लोक संस्कृति की झलक दिखाई देगी। सूत्रों के मुताबिक, रवींद्र संगीत और पारंपरिक बंगाली वाद्य यंत्रों के साथ समारोह की शुरुआत हो सकती है।
कौन हैं शुभेंदु अधिकारी?
शुभेंदु अधिकारी बंगाल की राजनीति का ऐसा नाम हैं, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में राज्य की सत्ता समीकरण बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। पूर्वी मिदनापुर जिले के कांथी क्षेत्र से आने वाले शुभेंदु अधिकारी लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस के मजबूत नेता रहे। वे राज्य की राजनीति में संगठन क्षमता, जनसंपर्क और आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं।
उनका राजनीतिक परिवार बंगाल की राजनीति में बेहद प्रभावशाली माना जाता है। उनके पिता Sisir Adhikari भी वरिष्ठ नेता रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने छात्र राजनीति से शुरुआत की और बाद में नंदीग्राम आंदोलन के दौरान वे राज्यभर में चर्चित चेहरा बनकर उभरे।
नंदीग्राम से राष्ट्रीय पहचान तक
साल 2007 के नंदीग्राम आंदोलन ने शुभेंदु अधिकारी को बंगाल की राजनीति के केंद्र में ला दिया। भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई और ग्रामीण बंगाल में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। बाद में वे तृणमूल कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हो गए।
हालांकि, राजनीतिक मतभेदों के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा में आने के बाद वे बंगाल में पार्टी के सबसे बड़े चेहरों में गिने जाने लगे। नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनावी मुकाबले में उन्होंने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दिया और भाजपा के उभार के प्रतीक नेता बनकर सामने आए।
“परिवर्तन के चेहरे” के रूप में पेश कर रही भाजपा
भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी शुभेंदु अधिकारी को “बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन के चेहरे” के रूप में स्थापित करना चाहती है। पार्टी का मानना है कि ग्रामीण बंगाल, संगठनात्मक अनुभव और विपक्षी राजनीति की समझ उन्हें एक मजबूत प्रशासक बना सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी की सबसे बड़ी ताकत उनकी जमीनी राजनीति मानी जाती है। वे गांव-गांव तक मजबूत संपर्क रखने वाले नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में पार्टी बंगाल में अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत करेगी।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने राजधानी को हाई अलर्ट पर रखा है। सूत्रों के मुताबिक, पूरे ब्रिगेड परेड ग्राउंड को लगभग 35 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है। VVIP ब्लॉक में विशेष सुरक्षा घेरा बनाया गया है, जहां प्रवेश केवल पासधारकों को मिलेगा।
कोलकाता पुलिस कमिश्नर Ajay Nanda खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके पर नजर रखी जाएगी। आसपास की ऊंची इमारतों पर स्नाइपर और निगरानी टीमें तैनात रहने की संभावना है।
ट्रैफिक पर विशेष नियंत्रण
समारोह के मद्देनजर शनिवार को कोलकाता में विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी लागू रहेगी। सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। हालांकि दूध, सब्जी, दवा, ऑक्सीजन, पेट्रोलियम और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट दी गई है।
Victoria Memorial के आसपास पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। पुलिस हालात के अनुसार अतिरिक्त ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू कर सकती है।
बंगाल की राजनीति में नया अध्याय
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह समारोह केवल मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का प्रतीक बन सकता है। लंबे समय तक क्षेत्रीय राजनीति के गढ़ माने जाने वाले राज्य में भाजपा सरकार का गठन राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सबकी नजरें शनिवार सुबह ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर टिकी हैं, जहां लाखों समर्थकों की मौजूदगी, VVIP सुरक्षा, बंगाली संस्कृति की झलक और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के बीच शुभेंदु अधिकारी इतिहास रचने जा रहे हैं।














