गाजीपुर – जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पेट्रोल पंपों से जुड़े लंबित प्रकरणों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में कंपनीवार और विभागवार लंबित मामलों की स्थिति का जायजा लिया गया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि विभिन्न तेल कंपनियों के कुल कई मामले अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए लंबित हैं। इनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के 12, सीपीसीएल का 1, बीपीसीएल के 12, एचपीसीएल के 9 तथा जियो-बीपी के 3 मामले शामिल हैं।
विभागवार समीक्षा में सामने आया कि सबसे अधिक 23 प्रकरण वन विभाग में लंबित हैं। इसके अलावा अग्निशमन विभाग में 10, एनएचएआई गाजीपुर में 14, एनएचएआई आजमगढ़ में 6, विद्युत विभाग में 20, लोक निर्माण विभाग में 4 और अन्य विभिन्न अधिकारियों के पास भी कई मामले लंबित पाए गए। उपजिलाधिकारियों के स्तर पर भी कई प्रकरणों का निस्तारण लंबित है, जिसमें सेवराईं, सैदपुर, सदर, मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद और जमानियां शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के भीतर अपनी आख्या प्रस्तुत करें और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में आवेदकों को निर्धारित शुल्क जमा करना है, वे इसे जल्द से जल्द जमा करें ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
बैठक के दौरान जंगीपुर के मंडी सचिव की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और उनका वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई से प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।














