गाजीपुर – करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में 15 अप्रैल को नाबालिग निशा विश्वकर्मा की संदिग्ध मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी हलचल मचा दी है।
समाजवादी पार्टी ने मामले में सक्रियता दिखाते हुए 28 अप्रैल को चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गांव भेजने का फैसला किया है। यह निर्णय पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर लिया गया है। प्रतिनिधिमंडल में रामआसरे विश्वकर्मा, जैकिशन साहू, सीमा राजभर और रीता विश्वकर्मा शामिल हैं, जो पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार करेंगे।
अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है। इससे पहले 22 अप्रैल को सपा का एक प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा था, जहां हालात तनावपूर्ण हो गए थे और पथराव की घटना भी हुई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
वहीं, प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर पहले ही पीड़ित परिवार से मिलकर 5 लाख रुपये, डेढ़ बीघा जमीन और आवास के कागजात सौंप चुके हैं।














