Friday, April 3, 2026
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AJL प्लॉट आवंटन मामला: CBI कोर्ट से भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बड़ी राहत, सभी आरोप खारिज

पंचकूला के चर्चित AJL (एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड) प्लॉट आवंटन मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda और वरिष्ठ कांग्रेस नेता Motilal Vora को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पंचकूला की विशेष CBI अदालत ने दोनों नेताओं के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है, जिससे वे इस मामले में पूरी तरह आरोपमुक्त हो गए हैं।

यह फैसला Punjab and Haryana High Court द्वारा पहले दिए गए उस आदेश के बाद आया है, जिसमें अदालत ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में आरोप तय करने के निर्देश को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट के इसी निर्णय के आधार पर अब विशेष CBI कोर्ट ने भी मामला खत्म करते हुए आरोपों को खारिज कर दिया।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला हरियाणा के Panchkula के सेक्टर-6 में स्थित करीब 3,360 वर्ग मीटर सरकारी भूखंड के आवंटन से जुड़ा था। जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) का आरोप था कि यह प्लॉट कथित रूप से बाजार मूल्य से बहुत कम कीमत पर Associated Journals Limited (AJL) को आवंटित किया गया था, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।

CBI के मुताबिक, लगभग 64.93 करोड़ रुपये मूल्य के इस भूखंड को मात्र करीब 69.39 लाख रुपये में आवंटित किया गया था। एजेंसी ने इस मामले में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के चार वरिष्ठ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया था।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

आरोप तय किए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए हुड्डा और AJL की ओर से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि आरोपों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। अदालत ने कहा कि बिना मजबूत आधार के किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाना न्यायिक प्रक्रिया के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।

इसी आधार पर अदालत ने आरोप तय करने के आदेश को रद्द कर दिया, जिसके बाद अब CBI कोर्ट ने भी इस मामले में सभी आरोप खारिज कर दिए।

हुड्डा की प्रतिक्रिया

अदालत से राहत मिलने के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उन्हें पहले से ही न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा कि सच और न्याय की जीत हुई है।

कब दर्ज हुआ था केस?

CBI ने इस मामले में 27 जनवरी 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी और बाद में 1 दिसंबर 2018 को चार्जशीट दाखिल की गई थी। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत के इस फैसले से हुड्डा और अन्य आरोपियों को बड़ी राहत मिली है।

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VIKAS TRIPATHI
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