नोएडा/गौतमबुद्धनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के पहले चरण के उद्घाटन के बाद उत्तर प्रदेश ने देश के विमानन नक्शे पर एक नई उपलब्धि दर्ज की है। उपलब्ध आधिकारिक और हालिया रिपोर्टों के अनुसार अब राज्य में पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हो गए हैं—लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर, अयोध्या और नोएडा (जेवर)। उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश-सम्बंधी सामग्री में भी इन पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का उल्लेख है, जबकि AAI की आधिकारिक वेबसाइट पर लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पृष्ठ उपलब्ध हैं।
जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग 12,000 करोड़ रुपये के स्तर की परियोजना के रूप में शुरू हुआ है, और रिपोर्टों के मुताबिक इसे दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी, व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास का बड़ा केंद्र माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने उद्घाटन के दौरान इसे विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत अभियान का नया अध्याय बताया।

इस नई उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की संख्या के लिहाज से केरल को पीछे छोड़ दिया है। केरल में अब भी चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं—तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड और कन्नूर—जिनकी पुष्टि NDTV Travel की हालिया रिपोर्ट और संबंधित आधिकारिक एयरपोर्ट वेबसाइटों से होती है। तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट की आधिकारिक साइट, कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट, AAI का कैलिकट एयरपोर्ट पेज और कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट इन चारों हवाई अड्डों की पहचान को स्पष्ट करती हैं।
केरल का विमानन ढांचा लंबे समय से पर्यटन और खाड़ी देशों में बसे मलयाली प्रवासियों की आवाजाही को ध्यान में रखकर विकसित हुआ है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के चारों अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए बेहतर पहुंच सुनिश्चित करते हैं, जबकि कन्नूर एयरपोर्ट की आधिकारिक साइट भी इसे बड़े NRI समुदाय, व्यापारिक यात्रियों और पर्यटकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया हब बताती है।
VIDEO | Jewar, Uttar Pradesh: Prime Minister Narendra Modi (@narendramodi) inaugurates Phase I of the Noida International Airport.
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/MgoGqop65f
— Press Trust of India (@PTI_News) March 28, 2026
उत्तर प्रदेश के लिए यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि निवेश, रोजगार, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट, होटल, ट्रांसपोर्ट और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं का संकेत है। हालिया रिपोर्टों में कहा गया है कि जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली-एनसीआर पर दबाव घटेगा, कनेक्टिविटी सुधरेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी—खासकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
जेवर के साथ उत्तर प्रदेश ने अब हवाई संपर्क के क्षेत्र में एक मजबूत बढ़त बना ली है। पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की यह श्रृंखला राज्य को उत्तर भारत के एक बड़े एविएशन हब के रूप में उभार रही है, जबकि केरल अपनी चार अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट व्यवस्था के जरिए पर्यटन और प्रवासी-आधारित यात्रा नेटवर्क का अहम केंद्र बना हुआ है।














