HomeDelhi NCRनोएडा पुष्प प्रदर्शनी पर घोटाले की आहट: सीएसआर फंड, ठेकेदार भुगतान और...

नोएडा पुष्प प्रदर्शनी पर घोटाले की आहट: सीएसआर फंड, ठेकेदार भुगतान और जिम्मेदारियों को लेकर उठे गंभीर सवाल

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण द्वारा आयोजित हालिया पुष्प प्रदर्शनी अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। सूत्रों के हवाले से प्राधिकरण के भीतर बड़े वित्तीय अनियमितताओं की चर्चा तेज हो गई है। आरोपों के केंद्र में डिप्टी डायरेक्टर अंकित सेंगर और अवर अभियंता विजेंदर कुमार का नाम सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि पुष्प प्रदर्शनी की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं दोनों अधिकारियों के पास थी। आयोजन को भव्य बनाने के नाम पर बड़े स्तर पर खर्च किए जाने का दावा किया गया, लेकिन अब खर्च और वसूली के बीच पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सीएसआर फंड और वसूली पर सवाल

सूत्रों के अनुसार अवर अभियंता विजेंदर कुमार पर आरोप है कि उन्होंने सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के नाम पर बैंकों, बिल्डरों और पान मसाला कंपनियों सहित अन्य निजी संस्थाओं से लाखों रुपये जुटाए। दावा यह भी किया जा रहा है कि कुछ रकम ठेकेदारों के खातों में मंगवाई गई।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब नोएडा प्राधिकरण की ओर से ही करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये खर्च किए गए, तो निजी कंपनियों से जुटाई गई अतिरिक्त राशि कहां और किस मद में खर्च हुई? क्या उस धन का लेखा-जोखा सार्वजनिक किया गया? इन सवालों के स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं।

विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर भी विवाद

जानकारी के अनुसार उद्यान विभाग का प्रभार पहले उमेश चंद्रा के पास था, जिसे हटाकर विजेंदर कुमार को सौंपा गया। विजेंदर कुमार हॉर्टिकल्चर विभाग डिवीजन थ्री में अवर अभियंता हैं और सिविल इंजीनियर भी हैं, जबकि पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन डिवीजन द्वितीय में हुआ। डिवीजन सेकेंड के डिप्टी डायरेक्टर आनंद मोहन हैं।

ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि डिवीजन थ्री के अधिकारी को डिवीजन सेकेंड में हुए आयोजन की कमान क्यों सौंपी गई? क्या यह प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप था या किसी विशेष कारण से यह जिम्मेदारी बदली गई?

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

विधायक तेजपाल नागर पहले ही अंकित सेंगर को लेकर पत्र जारी कर चुके हैं, जिसमें उनके कार्यों पर सवाल उठाए गए थे। ऐसे में पुष्प प्रदर्शनी जैसे बड़े आयोजन की जिम्मेदारी फिर से उन्हीं को दिए जाने पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

प्राधिकरण के भीतर और बाहरी स्तर पर यह मांग उठ रही है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच होती है तो आयोजन से जुड़े वित्तीय लेन-देन, सीएसआर फंड की वसूली, ठेकेदारों को किए गए भुगतान और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल की जा सकती है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला है। वहीं, कुछ लोग इसे महज अफवाह बताते हुए आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कह रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी

अब तक नोएडा प्राधिकरण की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, अंदरखाने चर्चा है कि मामले की प्राथमिक स्तर पर समीक्षा की जा रही है।

यदि उच्च स्तरीय जांच बैठती है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुष्प प्रदर्शनी के नाम पर हुआ खर्च और जुटाई गई राशि किस प्रकार उपयोग में लाई गई। फिलहाल पूरा मामला संदेह और आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझा हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में इस कथित महाघोटाले से पर्दा उठने की संभावना जताई जा रही है।

- Advertisement -
Your Dream Technologies
VIKAS TRIPATHI
VIKAS TRIPATHIhttp://www.pardaphaas.com
VIKAS TRIPATHI भारत देश की सभी छोटी और बड़ी खबरों को सामने दिखाने के लिए "पर्दाफास न्यूज" चैनल को लेके आए हैं। जिसके लोगो के बीच में करप्शन को कम कर सके। हम देश में समान व्यवहार के साथ काम करेंगे। देश की प्रगति को बढ़ाएंगे।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments