शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बुधवार रात दिल्ली पुलिस और शिमला पुलिस के बीच उस समय तीखी तनातनी हो गई, जब एआई समिट में ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ मामले के तीन आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया जा रहा था। घंटों चली बहस और रोक-टोक के बाद गुरुवार सुबह करीब 6 बजे शोघी बैरियर से दिल्ली पुलिस की गाड़ियों को रवाना होने की अनुमति दी गई।
ट्रांजिट रिमांड पर लाए जा रहे थे आरोपी
दिल्ली में भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के मामले में Indian Youth Congress (IYC) से जुड़े सौरभ, अरबाज और सिद्धार्थ अवधूत को गिरफ्तार किया गया था। एसीजेएम-II एकांश कपिल की अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दिल्ली पुलिस टीम आरोपियों को दिल्ली ले जा रही थी।
रास्ते में रोकी गई दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जब टीम आरोपियों को लेकर लौट रही थी, तभी शिमला पुलिस ने पहले कनलोग क्षेत्र में और फिर शोघी बैरियर पर उन्हें रोक लिया। रात करीब 3 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक टीम को रोके रखा गया।
शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस की एक गाड़ी (DL-1CAF-0768) को जब्त करने की कार्रवाई भी शुरू की और टीम से स्थानीय स्तर पर दर्ज एक एफआईआर के संबंध में जांच में शामिल होने को कहा। हालांकि दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने वाहन की चाबी देने से इनकार करते हुए कहा कि गाड़ी में केस से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद हैं।
‘बिना मेमो DVR ले जाने’ का आरोप
विवाद तब और बढ़ गया जब शिमला पुलिस ने आरोप लगाया कि जिन तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया, वे चांशल क्षेत्र के एक रिजॉर्ट में ठहरे हुए थे और वहां लगे CCTV कैमरों का DVR दिल्ली पुलिस बिना किसी सीजर मेमो या रसीद के ले गई।
शिमला पुलिस का दावा है कि सादे कपड़ों में 15-20 लोग एक वाहन से रिजॉर्ट पहुंचे और तीनों युवकों को जबरन साथ ले गए। इस मामले में चिरगांव थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें विधिवत ट्रांजिट रिमांड मिला है और वे आरोपियों को सुरक्षित तरीके से स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद दिल्ली ले जा रहे थे। एक अधिकारी ने कहा, “हर वाहन में एक आरोपी बैठा है, हमें उन्हें सुरक्षित पेश करना है। वे अपना काम कर रहे हैं, हम अपना काम कर रहे हैं।”
11 तक पहुंची गिरफ्तारियों की संख्या
दिल्ली में 20 फरवरी को हुए शर्टलेस प्रदर्शन के बाद दर्ज मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दंगा और वैमनस्य फैलाने जैसे आरोप लगाए हैं। मामले की जांच जारी है।
कानूनी और प्रशासनिक टकराव
यह घटनाक्रम दो राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय और अधिकार क्षेत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ओर दिल्ली पुलिस ट्रांजिट रिमांड का हवाला दे रही है, तो दूसरी ओर शिमला पुलिस स्थानीय शिकायत और प्रक्रिया के पालन की बात कर रही है।
घंटों चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद अंततः दिल्ली पुलिस की टीम आरोपियों और जब्त सामान के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो सकी, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक समन्वय और कानूनी प्रक्रिया पर बहस छेड़ दी है।














