मणिपुर में शांति और स्थिरता बहाल करने की दिशा में अहम पहल करते हुए मुख्यमंत्री N. Biren Singh (युमनाम खेमचंद सिंह) ने रविवार (22 फरवरी) को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात की। यह 4 फरवरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनका पहला दिल्ली दौरा था।
शांति, विश्वास बहाली और पुनर्वास पर चर्चा
आधिकारिक बयान के अनुसार, यह बैठक अमित शाह के आवास पर हुई, जिसमें मणिपुर के उपमुख्यमंत्री Nemcha Kipgen (बीजेपी) और L. Susindro Meitei (नागा पीपुल्स फ्रंट) भी मौजूद रहे।
बैठक में राज्य के मौजूदा हालात, विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास बहाली, आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (IDPs) के पुनर्वास और सामान्य स्थिति की बहाली पर विस्तृत चर्चा की गई।
केंद्रीय गृह मंत्री ने पूर्वोत्तर राज्य में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। साथ ही, राज्य सरकार को विस्थापितों के शीघ्र पुनर्वास पर प्राथमिकता देने का निर्देश भी दिया।
CM ने साझा की मुलाकात की तस्वीरें
मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि मणिपुर से जुड़े प्रमुख मुद्दों—शांति, स्थिरता, पुनर्वास और विकास—पर रचनात्मक और विस्तृत चर्चा हुई।
Had the privilege to call on Hon’ble Union Home Minister, Shri @AmitShah Ji, today in New Delhi, accompanied by Hon’ble Deputy Chief Ministers Smt. @KipgenNemcha and Shri L. Dikho. We had a detailed and constructive discussion on key issues concerning Manipur, including… pic.twitter.com/G1Xvbh3fqY
— Khemchand Yumnam (@YKhemchandSingh) February 22, 2026
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों के पुनर्स्थापन के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने मणिपुर की जनता की ओर से अमित शाह के निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के लिए आभार भी व्यक्त किया।
राष्ट्रपति शासन के बाद नई शुरुआत
गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटाया था। इसके बाद 4 फरवरी को एन. बीरेन सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
उपमुख्यमंत्री के रूप में नेमचा किपगेन (बीजेपी) और नागा पीपुल्स फ्रंट के प्रतिनिधि को जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा Govindas Konthoujam (बीजेपी) और K. Lokan Singh (एनपीपी) को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मणिपुर सामाजिक तनाव और विस्थापन के दौर से गुजर रहा है। केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को मजबूत कर शांति बहाली, पुनर्वास और विकास योजनाओं को गति देने पर जोर दिया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में प्रशासनिक कदमों और पुनर्वास योजनाओं के प्रभाव से ही राज्य में स्थायी शांति और विश्वास बहाली का मार्ग प्रशस्त होगा।














